प्रवासी मजदूर की मौत के बाद खम्हौरा गांव पहुंची पुलिस।
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अतर्रा (बांदा)। सूरत (गुजरात) से लौटे 24 वर्षीय प्रवासी अविवाहित मजदूर की मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार-खांसी, जुकाम आदि से ग्रस्त था। 12 जून को शादी भी तय थी। कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर शव का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही बिना पोस्टमार्टम के शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
थाना क्षेत्र के खम्हौरा गांव का जगन्नाथ कुशवाहा गुजरात के वापी शहर में काम करता था। लॉकडाउन में काम बंद हो जाने और दादी की मृत्यु की खबर पाकर वह 25 मई को घर लौट आया था। यहां आते ही वह खांसी-जुकाम, बुखार से ग्रस्त हो गया। इसी हालत में तीन दिन पूर्व दादी की तेरहवीं संस्कार में लोगों को भोज कराता रहा।
उधर, उसकी 12 जून को खुरहंड क्षेत्र के बिगहना गांव में शादी होनी थी। मंगलवार की रात जगन्नाथ को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। 108 एंबुलेंस से उसे अतर्रा सीएचसी लाया गया। बुधवार को सुबह यहां उसकी मौत हो गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. देव तिवारी ने बताया कि श्वास नली में दिक्कत थी। परिजन शव गांव ले आए और गड्ढा खोदकर दफनाने की तैयारी में थे। इसी बीच प्रशासन और पुलिस की टीम ने यह संस्कार रुकवाकर शव कब्जे में ले लिया।
उधर, मौत की खबर मिलते ही एसडीएम जेपी यादव ने डीएम को सूचना दी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शव का सैंपल लेने को कहा। मुख्यालय से गई स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक के गांव भेजी गई। उधर, उप निरीक्षक वीर प्रताप सिंह ने शव का पंचनामा भरा। इसके बाद शव को मेडिकल कालेज भेज दिया गया। यहां सैंपल लेने के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।