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पोस्टमार्टम के बाद हाईवे पर शव रखकर लगाया जाम

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जाम स्थल पर मृतक के परिवार की महिला से पुलिस की हो रही नोंकझोंक। - फोटो : BANDA
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बांदा। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पेट दर्द इलाज को भर्ती कराए गए 22 वर्षीय युवक की मौत के बाद भड़के परिजनों का गुस्सा दूसरे दिन भी नहीं थमा। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को हाईवे चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। इस बीच मृतक के परिजनों और पुलिस से जमकर नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। पुरुष दरोगाओं ने महिलाओं को धकियाकर अलग किया। बाद में पुलिस अफसरों के आश्वासन पर हंगामा खत्म कर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
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शहर के केवटरा मोहल्ले का अमर निषाद (22) पुत्र नवल किशोर की मंगलवार को शाम जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डाक्टरों की कथित लापरवाही पर आपा खो बैठे परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचा दिया। यह देख डाक्टर वहां से भाग निकले। कुछ कर्मचारी परिजनों के हत्थे चढ़ गए तो उनको जमकर पीटा। अस्पताल की खिड़की और दरवाजों के कांच तोड़ दिए। कुर्सियां अलट-पलट दी। ट्रामा सेंटर के पर्चा काउंटर आदि को भी उलट-पलट दिया। पुलिस कर्मियों से भी परिजन उलझ गए। बमुश्किल पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने युवक का शव केवटरा चौराहे पर रखकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इसमें मृतक के परिवार की महिलाएं अगुवा रहीं। उनका आरोप था कि अस्पताल के डाक्टरों द्वारा उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। महिलाओं और परिजनों की मांग थी कि आरोपी डाक्टरों पर रिपोर्ट दर्ज हो। जाम के दौरान वाहनों के रोक रही महिलाओं को पुलिस ने धकिया कर सड़क से अलग किया। इसी बीच अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान व सीओ अजय भदौरिया और इंसपेक्टर जयश्याम शुक्ला मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत किया। इसी के बाद परिजन शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए। कोतवाली इंसपेक्टर का कहना है कि किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डा.यूबी सिंह का कहना है कि तोड़फोड़ और मारपीट की तहरीर कोतवाली भेजी गई है।
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