बांदा। आठ माह पूर्व कोरोना संक्रमण काल में पैरोल पर रिहा 41 बंदी निर्धारित अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी जेल नहीं पहुंचे। इनमें पांच महिलाएं भी हैं। जेल प्रशासन ने गिरफ्तारी के लिए एसपी को बंदियों के नाम और पते की सूची भेजी है।
सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर बांदा जेल से 44 कैदियों को आठ सप्ताह के पैरोल पर रिहा किया गया था। बाद में पैरोल की अवधि और बढ़ दी गई। कैदियों के पैरोल की अवधि 19 नवंबर को समाप्त हो गई है।
डीजीपी (जेल) ने कारागार अधीक्षकों को पत्र भेजकर पैरोल पर रिहा कैदियों को तीन दिन के अंदर जेल में वापस दाखिल कराया जाए। जेल प्रशासन ने इस बाबत कैदियों को नोटिस जारी कर जेल में दाखिल होने को कहा था।
प्रभारी जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि पैरोल पर रिहा 44 बंदियों में एक कैदी की स्थायी जमानत हो गई थी। दो कैदी अन्य मामले में गिरफ्तार होकर पुन: जेल आ गए थे। शेष 41 कैदियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी को सूची भेजी गई। इनमें मुख्यालय मात्र के 10 कैदी है।
इन बंदियों की है तलाश
द्भबीरेंद्र कुमार भूरी, सुनील कैरी, बबलू मरौली (बिसंडा), सलीम खां डमरहनी, कल्लू बुढ़ौली बबेरू,, महेंद्र उर्फ मोनू कुशवाहा नगर, साबिर पठान मर्दन नाका, रामरतन पाल किरन कालेज चौराहा, राजेश कुमार अंबेडकर नगर, कनीजा गूलर नाका, संजय उर्फ सवेंद्र बिजली खेडा , सालिगराम, हरिहर, कुशुम देवी कैलाशपुरी, चंगू उर्फ चंद्रप्रकाश कचंन पुरवा (बांदा), शोक अतराहट (बांदा), करिया गुरेह, अजय कुमार जमालपुर, कालीचरन रैदास गुरेह, रफीक जमुनी पुरवा (कोतवाली देहात), विमलेश केवल बांसी (सिद्धार्थ नगर), नरायन सिंह अकबरपुर (चित्रकूट), अलामुद्दीन मिलाथू (बिसंडा), हेमराज गिरि (अतर्रा), लुस्सू सोनार गली (अतर्रा) गोरेलाल चौबे अनथुवा, बाबू यादव कुसुमा रामप्रसाद आरख रिसौरा (नरैनी), उमांशकर तिवारी गड़ौली (चित्रकूट), फुल्लन देवी पिपरही (पैलानी), मंगल कोल खोही, अनिल द्विवेदी छिबांव (गिरवां), धीरेंद्र कुमार छतैनी (कालिंजर), कमलेश लोधी रानीपुर (मर्का) जौहरी उर्फ जौहरिया सरस्वाह (गिरवां), पिंटू उर्फ विमल वंशी डेरा, सुग्रीव पडेरी (पैलानी), सुनील कुमार श्रीनगर (कानपुर देहात)।