बांदा। सोमवार को डीएपी की रैक आ गई गई। करीब 2600 टन खाद आई है। जिले के हिस्से में 1600 टन खाद है। एक हजार टन डीएपी चित्रकूट भेजी गई है। खाद रैक प्वाइंट से ही सीधे समितियों में भेजी गई है।
जिले में डीएपी किल्लत चल रही थी। डीएपी न मिल पाने से किसान दलहनी-तिलहनी फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। अब 2600 टन डीएपी की रैक आई है। इसमें 1600 टन डीएपी बांदा को मिली है। एक हजार टन चित्रकूट भेजी गई है। 1600 टन में 1045 टन डीएपी रैक प्वाइंट से सीधे समितियों को भेजी गई है।
एसडीएम व जिला कृषि अधिकारी से सभी तहसीलों में डीएपी की डिमांड रिपोर्ट मांगी गई थी। डीएम के निर्देश पर उन्हीं क्षेत्रों में खाद भेजी गई है।
करीब साढ़े पांच सौ टन डीएपी बची है। इसे भी दो-तीन दिन के अंदर भेजा जाएगा। इसके वितरण के बाद अगली रैक की डिमांड भेजी जाएगी। गेहूं की बुआई के समय तक (एक सप्ताह) में दूसरी रैक आने की संभावना है।
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