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Banda News: समितियों में नहीं पहुंची डीएपी, निराश होकर लौटे किसान

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बांदा। किसानों का इफ्को की डीएपी पर ही भरोसा है। इसके लिए वह केंद्रों पर दिन-रात डेरा डाले हैं और एक-दो बोरी खाद मिलने की उम्मीद में काउंटरों पर नजरें गड़ाए हैं। प्रशासन ने बुधवार से अधिकृत प्राइवेट दुकानों में खाद वितरण की व्यवस्था कराई, पर किसानों को इफ्को के अलावा दूसरी खाद नहीं भा रही है। पिछले तीन दिन से शहर में संचालित केंद्रों में डीएपी खाद नहीं पहुंच रही। किसानों का कहना है कि जब तक रैक आएगी, तब तक खेत बर्बाद हो जाएंगे।
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जनपद में दस दिन पहले डीएपी खाद की रैक आई थी। प्रशासन ने इसका वितरण करा दिया है। इसके बावजूद किसानों की 50 प्रतिशत से ज्यादा खेत बुआई के लिए पड़े हैं। खासकर 15 नवंबर से किसानों ने गेहूं की बुआई की तैयारी कर ली है। खेतों का पलेवा करने के बाद बिक्री केंद्रों पर डेरा डाल दिया है। मंगलवार को किसानों के सड़क जाम करने और डीएम कैंप कार्यालय में हंगामा करने पर बुधवार को मंडी समिति में एक-एक ट्रक डीएपी भेजी गई। यहां पिछले तीन दिनों से खाद का वितरण न होने के कारण करीब एक हजार किसान डेरा डाले थे।
खाद पहुंचते ही इसे एसडीएम की उपस्थिति में वितरित कराया गया। दोपहर होने तक खाद खत्म हो गई। इसके बाद किसानों को कल वितरण करने का भरोसा देकर चलता कर दिया गया। वहीं सिविल लाइंस स्थित डीसीडीएफ में तीन दिन से खाद नहीं भेजी गई। यहां बुधवार को भी ताला लटकता रहा और किसान मायूस होकर लौटते रहे। अधिकारियों का कहना है कि खाद लोडकर मालगाड़ी पारादीप से रवाना हो गई है। गुरुवार तक यह बांदा पहुंच जाएगी। किसानों का कहना है कि वह सर्दी में रात केंद्रों के बारे में गुजार रहे हैं। यदि जल्द खाद न मिली तो उनके खेत खराब हो जाएंगे और हजारों रुपये का नुकसान होगा। प्राइवेट दुकानों पर दूसरी कंपनी की खाद मिल रही है। इसका कोई भरोसा नहीं है।
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वर्जन-
-पीसीएफ के गोदाम में डीएपी खाद का जो स्टाॅक है, उसके हिसाब से समितियों में भेजकर वितरण कराया जा रहा है। शुक्रवार तक यहां नई रैक आ जाएगी और किसानो को भरपूर खाद मिलेगी। -प्रदीप सिंह, उप आयुक्त व उप निबंधक, सहकारिता, चित्रकूटधाम मंडल
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