Dam and check dam obstruction in continuous flow of rivers
- फोटो : BANDA
बदौसा। नदियों के अस्तित्व को बचाने की कवायदों की शृंखला में नदी-नारी-नीर सम्मेलन आयोजित किया गया। देश के कई विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण विशेषज्ञों ने संबोधित किया। कहा कि नदियों के अविरल बहने में बांध और चेकडैम रोड़ा हैं। बागै नदी के नजदीक आयोजित सम्मेलन की शुरुआत में नदी का पूजन और सामूहिक शपथ ली गई। पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
एएमबी कालेज, दुबरिया में आयोजित सम्मेलन में गंगा विचार मंच राष्ट्रीय संयोजक डॉ. भरत पाठक ने कहा कि बागै नदी के अविरल बहने का प्रमुख कारण इसमें बांध और चेकडैम न होना है। लोकभारती के सह संगठन मंत्री गोपाल जी उपाध्याय ने कहा कि खेती में रासायनिक उवर्रकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध हो रहे प्रयोग से भूमि की जल धारण क्षमता कम होती जा रही है।
जल के स्रोत सूख रहे हैं। गोंविंद वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान (प्रयागराज) के प्रो. के एन भट्ठ ने जंगलों के प्राकृतिक स्वरूप को बनाये रखने को कहा। नदी बचाओ अभियान के ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बागै नदी के लिए वह हर संभव सहयोग करेंगे।
सम्मेलन को गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत और प्राणी सेवा संस्थान के पंकज दीक्षित ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता कामद्गिरि महंत मदन गोपाल ने और संचालन कालीचरण बाजपेई ने किया। आयोजक शाहनवाज खां शानू (बागै भक्त परिषद) और रामबाबू तिवारी ने आभार जताया। कालेज प्रबंधक फिरोज खां व प्रधानाचार्य एके मिश्रा ने आगंतुकों का स्वागत किया।
सम्मेलन में एसीडी स्टूडियो निदेशक निशा गुप्ता सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं को पर्यावरण प्रहरी सम्मान से सम्मानित किया गया। अधिवक्ता संघ पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू, संतोष पाठक (दिल्ली), इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र राहुल पटेल, अरविंद (महोबा), गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल, दिवारी नृत्य कलाकार रमेश पाल, भजन गायक सुनील कुमार सनी भी शामिल रहे।
Dam and check dam obstruction in continuous flow of rivers- फोटो : BANDA