बलखड़िया गिरोह द्वारा पुलिस पार्टी पर हमला करके तीन सिपाहियों को गोली मारकर जख्मी कर दिए जाने के अगले ही दिन शुक्रवार को दिनदहाड़े आधा दर्जन डकैतों ने भरतकूप चौकी क्षेत्र के बंदरी गांव के समीप धावा बोलकर पीडब्लूडी द्वारा बनवाई जा रही सड़क का काम रोक दिया।
डकैतों ने बिना चौथ काम शुरू करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए मजदूरों को खदेड़ दिया। मुनीम ने विरोध किया तो उसे बंदूक की बटों से पीटकर अधमरा कर दिया। बाद में वहां खड़ी जेसीबी को आग के हवाले करने के बाद पोखरी के जंगलों में गुम हो गए।
ग्रामीणों ने इस वारदात के पीछे चुन्नीलाल गेैंग के होने की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस उसे महज कुछ अराजक युवकों की करतूत बता रही है। चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायत बंदरी से मध्य प्रदेश सीमा से सटे गुलरियन गांव तक पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण का काम चल रहा है।
एक माह पहले दस्यु बलखड़िया गैंग ने यहां चौथ वसूली न होने पर दो जेसीबी फूंक दी थीं और मजदूरों को पीटकर भगा दिया था। ऐलान किया था कि बिना कमीशन दिए काम चालू नहीं होगा। हाल ही में पुलिस की देखरेख में सड़क निर्माण फिर शुरू कराया गया।
शुक्रवार को दोपहर करीब 3 बजे हथियारों से लैस करीब आधा दर्जन डकैत निर्माण स्थल आ धमके और यहां काम कर रहे मजदूरों को खदेड़ दिया। ठेकेदार के मुनीम संजय (नरैनी) को मौके पर ही पटक-पटक कर बंदूकों की बटों से पीटा।
डकैतों ने सड़क निर्माण में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी। घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर सिलखोरी गांव के समीप भरतकूप चौकी के कुछ पुलिस कर्मी मौजूद थे, लेकिन डकैतों के तांडव के वक्त नहीं पहुंचे। बाद में जब पुलिस पहुंची तो डकैत पोखरी के जंगल से होते हुए मड़फा पहाड़ पर चढ़कर गायब हो गए।
घटनास्थल पर पहुंचे चौकी प्रभारी आरबी सिंह का कहना है कि यह करतूत चार-पांच युवकों की है। वह सभी तमंचे डंडे लिए थे। चौकी प्रभारी ने कहा कि मुनीम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि यह वारदात बलखड़िया गिरोह से अलग हुए चुन्नीलाल पटेल ने की है।