विंध्यवासिनी देवी मंदिर स्थित रामलीला मैदान में समिति अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर ग्रामीणों का आमरण अनशन गुरुवार को भी जारी रहा। अनशन पर पहुंचे एसडीएम व तहसीलदार से वार्ता विफल रही।
आमरण अनशन पर बैठे बुजुर्ग मूलचंद्र चौरसिया, समाजसेवी रामेश्वर शुक्ला व लालू अनुरागी ने कहा कि विंध्यवासिनी मेला कमेटी की लाखों की संपत्ति व धन का पदाधिकारियों ने बेजा इस्तेमाल किया है। भ्रष्टाचार की जांच न होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
अनशन पर बैठे मूलचंद्र की हालत गुरुवार को बिगड़ गई। सूचना पर तहसीलदार के साथ पहुंचे एसडीएम नरैनी धीरेंद्र कुमार ने अनशनकारियों को समझाया, लेकिन ग्रामीणों ने लिखित कार्रवाई का भरोसा दिए बिना अनशन खत्म करने से मना कर दिया।
इस दौरान बाल स्वरूप शुक्ला, रामबाबू त्रिपाठी, रामप्रसाद चौरसिया, राजाराम शुक्ला, शिवबाबू, राजकुमार मिश्रा, रामपाल तिवारी, सुरेश शास्त्री, द्वारिका प्रसाद शर्मा, राजाबाबू शुक्ला, विजय चौरसिया, राजू गुप्ता, रामू चौरसिया, चुन्नू अवस्थी मौजूद रहे।
अब आमरण अनशन की चेतावनी
अतर्रा। मंडलायुक्त को इस्तीफा सौंपने के बाद क्रमिक अनशन कर रहे वार्ड सदस्यों ने गुरुवार को निर्णय लिया कि जल्द ही क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदला जाएगा। उन्होंने प्रशासन की उदासीनता पर रोष जताया।
भ्रष्टाचार की जांच व कार्रवाई की मांग लेकर नगर पालिका परिसर में चल रहे क्रमिक अनशन के 18वें दिन सदस्य सुखदेव यादव व राधा कोटार्य बैठे। सदस्यों ने कहा कि प्रशासन ने जल्द ही उनकी नहीं सुनी तो वे आमरण अनशन को बाध्य होंगे।
राकेश पयासी, राजबहादुर, छत्रपाल, राजाराम तिवारी, निर्मला वाजपेयी, सुमन चौरसिया, सुनील गुप्ता, रामनरेश, मीरा देवी, कुंती देवी, सपा नेता विजय गुप्ता, दिनेश दादू आदि ने चेयरमैन द्वारा अवैध ढंग से जुटाई गई अकूत संपत्ति की जांच कराने और ईओ को निलंबित करने की मांग दोहराई। कहा कि सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।