बांदा। घरेलू गैस सिलिंडर बुकिंग सिस्टम उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहा है। सिलिंडर बुक कराने के बाद पहली बार आया डीएसी नंबर अपने आप कैंसिल होकर नया जेनरेट हो रहा है। इससे उपभोक्ता खासे भ्रमित हैं। हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि यह कंपनी की ओर से हो रहा है। जैसे बैकलॉग में 5100 उपभोक्ता दिखाए जा रहे हैं तो सभी के डीएसी नंबर दोबारा जेनरेट किए जा रहे हैं। इससे जिनको सिलिंडर मिल चुका है, उनके पास भी नए डीएसी नंबरों का मैसेज पहुंच रहा है।
शहर के पुराने आरटीओ कार्यालय के पास स्थित गैस एजेंसी वितरण स्थल पर घरेलू सिलिंडर लेने पहुंचे उपभोक्ता छोटी बाजार निवासी प्रदीप ने बताया कि उन्होंने 22 मार्च को अपनी गैस बुक कराई थी। तीन दिन बाद उनके पास डीएसी नंबर आ गया था। उसके पास पहली अप्रैल को फिर उनका डीएसी नंबर दूसरा आ गया। दूसरे नंबर आने पर वह शनिवार को सिलिंडर लेने आए हैं।
इसी तरह से छाबी तालाब निवासी सुमित ने बताया कि उनके पास 26 मार्च को डीएसी नंबर कैंसिल होने का मैसेज आ गया था। उसके बाद अब चार अप्रैल को नया डीएसी नंबर आया है। अब वह सिलिंडर लेने आए हैं। इसी तरह से मर्दननाका निवासी मोहम्मद यूसुफ और बजरंग कुंड निवासी रेहाना ने बताया कि उनकी सिलिंडर 17 मार्च की बुक है लेकिन डीएसी नंबर दो बार बदल चुका है।
यहां 720 सिलिंडरों की खेप आई थी, उपभोक्ताओं को लाइन में लगकर सिलिंडर दिया जाता रहा। इसी तरह से पंडित जेएन कॉलेज खेल मैदान में शर्मिला गैस एजेंसी के वितरण स्थल में 120 सिलिंडर ही पहुंचे। यहां भी उपभोक्ता लाइन में लगे थे।
व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप
बांदा में व्यावसायिक सिलिंडरों के 19 सौ उपभोक्ता पंजीकृत हैं। गैस सिलिंडर की किल्लत बढ़ने से एक माह के भीतर जिले में एक भी व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई है। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने खानपान से जुड़े कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
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कंपनी के ओर से नए डीएसी नंबर जेनरेट किए जा रहे हैं। यह सिस्टम पहली अप्रैल से बदल गया है। इससे उपभोक्ता भ्रमित हुए हैं। एजेंसी में आने पर उन्हें नए डीएसी नंबर देकर सिलिंडर दिए जा रहे हैं।
- रामेंद्र शर्मा, संचालक, आराधना गैस एजेंसी, बांदा।
जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो सकी है। एक-दो दिन में आपूर्ति आने की बात कही जा रही है। कमर्शियल सिलिंडरों के आने पर ही सिर्फ रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी। जिले में कमर्शियल के 1900 उपभोक्ता है।
- क्यामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी, बांदा।
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घरेलू गैस सिलिंडर उपभोक्ता- चार लाख।
उज्जवला योजना वाले उपभोक्ता- ढाई लाख।
सामान्य उपभोक्ता- डेढ़ लाख।
कमर्शियल उपभोक्ता- 1900
जिले में एजेंसी- 41
उपभोक्ता प्रदीप। संवाद
उपभोक्ता प्रदीप। संवाद
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