अतर्रा में अन्ना पशु संबंधी बैठक में उपस्थित प्रधान व किसान आदि।
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तहसील सभागार में बैठक कर अन्ना मवेशियों की समस्या चर्चा की गई। जनप्रतिनिधि व किसानों ने अपने सुझाव दिए। शुक्रवार को अपर एसपी लाल भरत कुमार पाल ने कहा कि अन्ना प्रथा बुंदेलखंड की धरती के लिए अभिशाप है।
इसने किसानों की रीढ़ तोड़ दी है। एसडीएम सौरभ शुक्ला ने कहा कि किसानों और नागरिकों के सहयोग से इस पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने प्रधानों, सचिवों, किसानों व चौकीदारो से सुझाव मांगे। थाना प्रभारियों व राजस्व कर्मियों को अन्ना प्रथा रोकने में सहयोग के निर्देश दिए। जानवर अन्ना छोड़ने वाले ग्रामीणों के चिन्हीकरण का जिम्मा चौकीदारों को सौंपा। बैठक में तहसीलदार सुशील कुमार सिंह, नायब तहसीलदार डॉ. श्याम मणि त्रिपाठी समेत ग्रामीण शामिल रहे।