चुनाव आयोग ने भले ही विधान सभा चुनाव की तारीखें घोषित कर दी हों पर राजनीतिक दलों के कार्यालयों में खामोशी का आलम है। पार्टी कार्यालयों में इक्का-दुक्का कार्यकर्ता ही नजर आते हैं। कांग्रेस जिला कार्यालय जहां किराए के भवन में चल रहा है वहीं बसपा का मंडलीय कार्यालय पांच साल से ध्वस्त है। यह जिला महासचिव के निजी आवास से संचालित हो रहा है। उधर, निर्दलीय उम्मीदवारों ने नामांकन प्रक्रिया के बाबत जानकारी के लिए निर्वाचन कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए।
जिला सपा कार्यालय-आम दिनों में अक्सर गुलजार रहने वाले बिजलीखेड़ा स्थित सपा कार्यालय में दोपहर 12 बजे कार्यालय प्रभारी विष्णुदत्त यादव अकेले बैठे थे। बताया कि सुबह पूर्व घोषित प्रत्याशी और कुछ कार्यकर्ता आए थे। कुछ देर रुकने के बाद सभी प्रचार के लिए क्षेत्र में निकल गए। हालांकि यहां पार्टी में चल रही रार का असर नजर आया। हालत यह थी कि मुख्य पार्टी समेत सभी फ्रंटल संगठनों के एक सैकड़ा से अधिक पदाधिकारी होने के बावजूद यहां चुनाव तिथियां घोषित होने के बाद से सन्नाटा खत्म नहीं हो रहा।
जिला भाजपा कार्यालय-पीली कोठी स्थित भाजपा कार्यालय में दोपहर 12:30 बजे किसान मोर्चा जिला प्रभारी सूर्यपाल सिंह चौहान दो-तीन कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के कामकाज में मशगूल दिखे। श्री चौहान ने बताया कि जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल सुबह 8-10 कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय आए थे। कुछ देर रुकने के बाद पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र भ्रमण में चले गए। यहां अभी तक किसी भी विधान सभा में प्रत्याशी घोषित न होने से अधिकांश कद्दावर नेता लखनऊ और दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं।
जिला कांग्रेस कार्यालय-स्टेशन रोड अवस्थी धर्मशाला में किराए के भवन में संचालित जिला कांग्रेस कार्यालय का सभागार दोपहर 1 बजे सूना रहा। कुछ देर बाद चाय की दुकान से लौटे जिला महासचिव शिवबली सिंह ने बताया कि जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ला और उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय आए थे। कुछ देर बाद तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी व मौजूदा विधायक दलजीत सिंह के प्रचार अभियान में निकल गए। यहां तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र के अलावा बांदा सदर में भी मौजूदा विधायक विवेक कुमार सिंह प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। नरैनी (सुरक्षित) व बबेरू विधान सभा क्षेत्र में घोषणा का इंतजार है।
जिला बसपा कार्यालय-जेल रोड स्थित मंडलीय कार्यालय पांच साल से ध्वस्त है। बसपा सरकार के अंतिम दौर में इसे गिराकर आलीशान कार्यालय बनाया जाना था। लेकिन यह अब तक जमींदोज पड़ा है। वर्तमान में यह कार्यालय जिला महासचिव लल्लू निषाद के निजी आवास में संचालित हो रहा है। जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने बताया कि पार्टी के सभी प्रत्याशी पहले ही घोषित हो जाने से विधान सभा क्षेत्र स्तर पर कार्यालय खोले गए हैं। पार्टी प्रत्याशी अपने क्षेत्रीय कार्यालय से चुनाव संचालन कर रहे हैं। जिला पदाधिकारी भी सभी विधान सभा क्षेत्रों में बैठकें कर सेक्टर व बूथ पदाधिकारियों के संपर्क में रहते हैं।