बांदा। महोबा के बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार से जुड़े मामले में सोमवार को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण) में जिरह नहीं हो सकी।
वादी मुकदमा रविकांत त्रिपाठी न्यायालय में मौजूद रहे। पूर्व एसओ देवेंद्र शुक्ला न्यायालय में पेश हुए। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है।
उधर, बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार, पूर्व सिपाही अरुण, अजय इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर ब्रह्मदत्त और सूर्या केमिकल के डीलर सुरेश सोनी के अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल की। फिलहाल बचाव पक्ष के अधिवक्ता की तबीयत ठीक न होने के कारण जिरह नहीं हो सकी।
मामले में पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। इंद्रकांत ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो सार्वजनिक किया था।
इसके अगले दिन उन्हें गोली लगी थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया।
मामले की सुनवाई पहले लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में चल रही थी। अब मंडल मुख्यालय बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हो रही है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि मामले में कुल 53 गवाह हैं, जिनके बयान दर्ज किए जाने हैं।