युवा बेकरी व्यवसायी ने सिर पर तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मिले सुसाइड लेटर में कई लोगों को दिया गया पैसा वापस न मिलने की बात कही गई है। उधर, तमंचा अलमारी में बरामद होने से पुलिस संदेह की दृष्टि से देखते हुए जांच कर रही है। युवक की मां का कहना है कि उसने डरकर तमंचा अलमारी में रख दिया था। घटना स्थल से फ्रिंगर प्रिंट भी लिए गए हैं।
घटना शहर कोतवाली में बलखंडीनाका चौकी क्षेत्र के कटरा तकिया मोहाल की है। यहां बेकरी व्यवसायी जैकी (30) पुत्र चुन्नूलाल सिंधी ने रविवार की रात अपने घर की छत पर 315 बोर तमंचे से दाहिनी कनपटी पर गोली मार ली। उसकी वहीं मौत हो गई। सोमवार की सुबह पड़ोस की बालिका ने अपनी छत से उसका खून में लथपथ शव देखा तो उसके घर वालों को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस आ गई। घटनास्थल पर तमंचा आदि नहीं मिला।
इस पर पुलिस ने उसकी मां से पूछताछ की तो मां आशा ने तमंचा घर में रखी अलमारी से निकालकर पुलिस को सौंप दिया। तमंचे में कारतूस का खोखा फंसा था। मां ने पुलिस को बताया कि उसने डर कर तमंचा उठाकर अलमारी में रख दिया था। उधर, मृतक के बिस्तर पर पुलिस ने सुसाइड लेटर भी बरामद किया। इसमें कई लोगों को पैसा दिए जाने की बात कही गई है। घटनास्थल पर पुलिस अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल, क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र और चौकी प्रभारी उपेंद्र सिंह व लालजी सिंह आदि ने जाकर निरीक्षण किया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
मकान खाली करने को लेकर था तनाव में
बेकरी व्यवसायी की मां आशा और पिता चुन्नूलाल ने बताया कि वे किराए के मकान में चार साल से रह रहे हैं। मकान मालिक इसी माह 10 तारीख तक मकान खाली करने को कह रहा था। इस बात को लेकर उनका पुत्र जैकी भी परेशान था। उधर, फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट के साथ आसपास के भी नमूने लिए। एएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या की घटना प्रतीत हो रही है। फिर भी हर बिंदु पर जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की राइटिंग जांच के लिए लैब भेजी जाएगी।
सुसाइड लेटर में बताई उधारी
जैकी के पास मिले सुसाइड लेटर में लिखा है कि उसने अर्दली बाजार निवासी एक व्यक्ति को चार साल पूर्व छह फीसदी ब्याज पर 40 हजार रुपये दिए थे, जो अब एक लाख रुपये हो गए हैं। मांगने पर वह नहीं दे रहा। लिखा है कि यह पैसा वसूलने की जिम्मेदारी मम्मी-पापा की है। इसी तरह पत्र में कहा गया है कि कानपुर के व्यापारी के पास 70 हजार रुपये जमा हैं।
बड़े भाई ने भी की थी आत्महत्या
जैकी के बड़े भाई भोली ने भी करीब 10 साल पहले जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। अपने मात-पिता के मात्र यही दो बेटे थे। मां आशा ने बताया कि जैकी रोजाना कानपुर से बेकरी का सामान लाकर यहां बेचता था। इसी से घर का खर्च चल रहा था।