केन कैनाल प्रखंड के एसडीओ ने अवैध खनन करा 20 लाख रुपये की मिट्टी बेच ली। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रविवार को कोतवाली प्रभारी ने छापा मारा। मौके से कई ट्रैक्टर, तीन जेसीबी बरामद कर ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया।
बुंदेलखंड में रिपेयर, रेनोवेशन व रेस्टोरेशन स्कीम के तहत शहर के तालाबों पर तीन करोड़ 41 लाख 58 हजार रुपये खर्च कर इनका कायाकल्प किया जाना था। इन्हीं तालाबों में नलकूप लगाकर शहर की पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाना था।
नवाबटैंक के बगल ही सिंचाई विभाग की 3.152 हेक्टेयर जमीन में आलीशान तालाब व फिल्टर प्लांट स्थापित करने की मंशा थी। इस पर एक करोड़ 33 लाख 53 हजार रुपये का बजट तैयार किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा के अनुमोदन के बाद केन कैनाल प्रखंड के तत्कालीन एक्सईएन केएन गुप्ता को तालाबों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
तत्कालीन डीएम जीएस नवीन कुमार ने अस्तित्व के लिए जूझ रहे तालाबों से अवैध कब्जा हटवाया था। उनके यहां से जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब केन कैनाल प्रखंड के अफसरों ने नया कारनामा कर दिखाया।
करीब सप्ताह भर से चोरी-छिपे 30 ट्रैक्टर और तीन जेसीबी लगाकर चार हजार घन फीट से ज्यादा मिट्टी खुदवाकर बेच ली। सूत्रों के मुताबिक, करीब 20 लाख की मिट्टी में ठेकेदार और एसडीओ ने बंदरबाट कर लिया। इसमें एक सपा नेता का नाम भी सामने आया है।
सिटी मजिस्ट्रेट कृपाशंकर पांडेय को भनक लगी तो उन्होंने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। कोतवाली प्रभारी रनवीन सिंह ने रविवार को दोपहर तालाब में छापा मारा तो ट्रैक्टर छोड़कर चालक फरार हो गए। ठेकेदार किशन राजपूत को मौके पर दबोच लिया।
मौके से पुलिस ने पांच ट्रैक्टर व तीन जेसीबी जब्त कर ली। उधर, इस बाबत एसडीओ हबीब उल्ला ने बताया कि मिट्टी खुदाई का एग्रीमेंट हुआ है। अवैध नहीं है। जबकि एक्सईएन ओपी मौर्या ने फोन ही स्वीच ऑफ कर लिया।