बारात में घुसी रोडवेज बस ने बैंड बजाने वाले दो भाइयों को रौंद दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में मृतक का पुत्र व भतीजा समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, शव घर पहुंचने पर नाराज ग्रामीणों ने पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए अतर्रा-बबेरू मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। नरैनी विधायक के आश्वासन पर करीब दो घंटे के बाद जाम खुला।
अतर्रा थाना क्षेत्र के आऊ गांव निवासी लल्ला वाल्मीकि (45) पुत्र कल्लू अपने भाई अच्छेलाल (35) के साथ बदौसा थाना क्षेत्र के तुर्रा गांव में रजोली यादव के पुत्र की बारात में बैंड बजा रहे थे। रात लगभग 10:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांदा से अतर्रा जा रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बैंड बजा रहे लल्ला और उसके भाई अच्छेलाल को रौंद दिया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसका पुत्र छोटे (18) व भतीजा संतराम (17) पुत्र संतराम और मुराली रैदास (32) पुत्र रामसनेही बस की टक्कर से घायल हो गए।
दुर्घटना के बाद बारातियों में भगदड़ मच गई। गिरते-पड़ते तमाम बारातियों ने अपनी जान बचाई। भाग रही बस का बारातियों ने पीछा किया तो कुछ दूर पर चालक बस छोड़कर भाग निकला। घायलों को आननफानन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर आई बदौसा पुलिस ने बस को थाने में खड़ा कर दिया। बदौसा थानाध्यक्ष दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि दुर्घटना करने वाली बस बांदा डिपो की है। मृतक लल्ला के पुत्र कमलेश ने अज्ञात बस चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 304 ए व 338 की रिपोर्ट लिखाई है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव पुलिस ने परिजनों को सौंप दिए।