बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राजकीय इंटर
कालेज के छात्रों एवं प्रधानाचार्य को पुलिस ने जमकर पीटा। कई
छात्र-छात्राएं चुटहिल हुए हैं।
आरोप है कि प्रधानाचार्य को भी
पुलिस ने लात-घूसे से पीटा। इससे गुस्साए छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर
इचौली चौराहे के पास जाम लगा दिया। डीएम व एसपी ने जांच कर दोषियों के
विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा देकर मामला शांत कराया।
राजकीय इंटर
कालेज का बिजली कनेक्शन कट गया है। गर्मी से परेशान छात्र-छात्राओं ने
शनिवार सुबह नगर पंचायत कार्यालय में प्रदर्शन किया। नगर पंचायत अध्यक्ष
बिंदादीन पाल ने छात्रों को अधिशासी अभियंता से बात कर बिजली दिलाने का
भरोसा दिया।
यहां से छात्र जुलूस के रूप में थाने के सामने पहुंचे
और नारेबाजी करने लगे। आरोप है इस बीच थानाध्यक्ष उमापति मिश्र ने छात्रों
की पिटाई कर दी। वहां पहुंचे प्रधानाचार्य उपेंद्र पटेल को भी पीटा। पुलिस
की पिटाई से छात्र पुनीत सिंह, रमजान खां, श्यामबाबू, धर्मेंद्र, अंचल
मिश्रा, शिवराम सोनी, छात्रा सविता यादव, अनुराधा, निधि गुप्ता आदि चुटहिल
हो गए।
पुलिस की पिटाई से गुस्साए छात्रों ने इचौली तिराहे पर
रास्ता जाम कर दिया। यहां पहुंचे एसडीएम विनय पाठक और डीआईओएस हिफजुर्रहमान
ने समझा- बुझाकर छात्रों को शांत कराया। कुछ देर बाद डीएम सुरेश कुमार व
एसपी राकेश शंकर भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बिजली व्यवस्था बहाल
कराने और थानाध्यक्ष व पुलिस कर्मियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई का
भरोसा दिया। तब जाकर छात्र शांत हुए और रास्ता खुला। देर शाम मटौंध पुलिस
ने जीआईसी प्रधानाचार्य उपेंद्र कुमार सहित आधा सैकड़ा अज्ञात छात्रों के
खिलाफ शांतिभंग, सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में
रिपोर्ट दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि छात्रों के हमले में उप
निरीक्षक गौरव तिवारी और कांस्टेबिल राज कुमार यादव भी घायल हुए हैं। जबकि
दूसरे पक्ष की ओर से देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी है।
अधिशासी अभियंता (विद्युत) ने बताया कि जीआईसी पर 20 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। भुगतान न होने की वजह से लाइट काट दी गई थी।
उधर,
थानाध्यक्ष उमापति मिश्र का कहना है कि छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया।
इससे कई पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। उन्होंने प्रधानाचार्य को न तो
मारापीटा और न ही अभद्रता की।