बांदा। युवक की हत्या के मामले में कार्रवाई न होने पर पुलिस अधीक्षक व कोतवाली प्रभारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में तलब करते हुए जवाब मांगा है। कहा है कि प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेश की अवमानना पाई गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के अरबई गांव निवासी लीलावती पत्नी रामबहादुर का कहना था कि 29 नवंबर 2015 को दबंग अपराधी उसके पुत्र को घर से ले गए और रात में हत्या कर दी। शव रेल पटरी पर डाल दिया। कोतवाली व पुलिस अधिकारियों के यहां फरियाद करने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
बाद में डीआईजी के आदेश पर 20 जनवरी 2016 को गांव के रणधीर व धनंजय पुत्र बलवीर, सुधीर पुत्र रामधीर, कुशल पुत्र बलवान व छोटू पुत्र छल्ली निगम के विरुद्ध हत्या व सबूत मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोई कार्रवाई न होने पर लीलावती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
उच्च न्यायालय ने 24 फरवरी 2016 को आदेश दिया था कि पुलिस अधीक्षक स्वत: मामले की जांच कार्रवाई करें। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लीलावती ने पिछले माह उच्च न्यायालय में इसकी शिकायत की।
इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने एसपी राजेंद्र प्रसाद पांडेय और कोतवाली प्रभारी केपी सिंह को 25 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।