नरैनी क्षेत्र में केन नदी पर बने अवैध पुलों और अवरोधों को तत्काल हटाए जाने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) केे आदेश पर फिलहाल अमल होता नजर नहीं आ रहा। करतल पुलिस चौकी अंतर्गत बरसड़ा मानपुर गांव में केन में बना अवैध पुल बरकरार है। जल धारा थमने से कई गांवों में नदी सूखने की कगार पर है। मवेशियों का पेयजल संकट गहराने लगा है।
करतल प्रतिनिधि के अनुसार, बरसड़ा मानपुर में पुलिस चौकी करतल से मात्र पांच किलोमीटर दूर बसे इस गांव में केन नदी बहती है। उस पार एमपी के छतरपुर का धौरहा गांव है। बरसड़ा-बिल्हरका से एमपी के बालू कारोबारी रात दिन खनन कर रहे हैं। रोजाना भारी मात्रा में बालू एमपी जा रही है। बिल्हरका में 308 बीघा में बालू फैली है।
किसान अमर सिंह ने बताया कि उनका खेत केन नदी से लगा हुआ है। बालू के ट्रक रात-दिन जबरन खेत से निकाले जा रहे हैं। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी से शिकायतों का कोई असर नहीं पड़ा।
उधर, इस बारे में उप जिलाधिकारी नरैनी सुधीर कुमार ने बताया कि बिल्हरका में छापा मारकर अवैध खनन रुकवा दिया गया है। बरसड़ा मानपुर में नदी की जलधारा पर बनाए गए पुल के बारे में एसडीएम ने अनभिज्ञता जताई।