बांदा। सात माह पहले ब्याह कर आई युवती ने ससुराल में खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके वालों ने ससुराल वालों पर मारने-पीटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। एक अन्य घटना में युवती ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
कमासिन थाना क्षेत्र के तिलौसा गांव में प्रियंका (20) पत्नी संतूलाल ने गुरुवार को सुबह अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। परिजन आग बुझाकर उसे जिला अस्पताल लाए। दोपहर को उसकी मौत हो गई। पति ने बताया कि सुबह धान की बेड़ उखाड़ने खेत चलने को कहा था। इसी बात पर वह नाराज हो गई।
ससुर जवाहरलाल का कहना है कि घटना के समय घर के सभी लोग खेत पर थे। सास लीला दरवाजे पर थी। आग लगने पर उसने शोर मचाया तो पड़ोसियों की मदद से आग बुझाई गई। उधर, मृतका के पिता हरिश्चंद्र (नरवां, नरैनी) ने बताया कि बेटी की शादी फरवरी में की थी। मई में दोबारा ससुराल वाले विदा करा ले गए। तब से मायके नहीं भेजा। घटना की रात मां ने फोन किया तो ससुराल वालों ने उससे बात नहीं कराई। आरोप लगाया कि ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे।
एक अन्य घटना में चिल्ला गांव निवासी गायत्री (21) पुत्री शिवशंकर ने बुधवार की रात कमरे की सीलिंग हुक में साड़ी से फांसी लगा ली। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा। मृतका की मां श्यामवती गांव के स्कूल में मिड-डे मील बनाकर परिवार पालती है। पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। मां ने बताया कि मानसिक रोग से ग्रस्त होने से उसका विवाह नहीं किया था। मानसिक बीमारी के चलते उसने फांसी लगाकर जान दे दी।