बांदा। भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में बांदा नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन और अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध धोखाधड़ी और अन्य कई संगीन धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश जनपद न्यायाधीश ने दिए हैं।
वार्ड-एक से नगर पालिका सदस्य भारत प्रजापति ने जिला सत्र एवं जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में दायर याचिका में अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के तमाम गंभीर आरोप लगाए थे।
छह पृष्ठीय और 13 सूत्री याचिका में 74 हजार में रुपये में वाशिंग मशीन की खरीद, 4 लाख 37 हजार रुपये से एअर कंडीशन (एसी) खरीद, कंधरदास तालाब के सुंदरीकरण और जीर्णाद्धार में ढाई करोड़ का घपला, शहर सीमा से बाहर गांव में 1.30 करोड़ लागत की गैरकानूनी सड़क निर्माण आदि के मुद्दे शामिल किए गए थे। वार्ड सदस्य ने इसे प्रीवेंशन आफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7-13 (1) डी (2) और आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 409, 120बी का संज्ञेय अपराध बताते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने का अनुरोध किया था।
वार्ड सदस्य की ओर से अदालत में वकालत करने वाले अधिवक्ता सैय्यद अली मंजर ने बताया कि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सोमवार को जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने इस मामले में अपने दो पृष्ठीय आदेश मेें वार्ड सदस्य भारत प्रजापति की अर्जी स्वीकार कर ली। साथ ही शहर कोतवाली थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि अर्जी में वार्णित तथ्यों के आधार पर आवश्यक धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करें और नियमानुसार अपनी रिपोर्ट विधिक रूप से अदालत में पेश करें।