जमीन के लिए भाई की हत्या कर देने के जुर्म में अदालत ने दोषी भाई को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की कैद और होगी।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव का है। यहां के जयचंद्र पुत्र गया प्रसाद दुबे ने 29 अक्तूबर 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बड़ा भाई बब्बू उर्फ शिवचंद्र मकान के नीचे सो रहा था। पत्नी, छोटा भाई रामचंद्र और जयचंद्र पास के मकान में भोजन कर रहे थे।
रात करीब नौ बजे शोर सुनकर वह दौड़े तो देखा कि छोटा भाई राजू उर्फ कृष्णचंद्र अपने बड़े भाई शिवचंद्र उर्फ बब्बू से जमीन बंटवारे को लेकर झगड़ा कर रहा है। इसी बीच राजू ने बब्बू उर्फ शिवचंद्र (56) को तमंचे से गोली मार दी और घर के लोगों को धमकाते हुए भाग गया। शिवचंद्र की वहीं मौत हो गई।
पुलिस ने धारा 302 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद 13 नवंबर 2013 को हत्याभियुक्त को गिरफ्तार कर तमंचा बरामदगी के लिए अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण यादव ने अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकृष्ण गौतम ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राजू उर्फ कृष्णचंद्र दुबे को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में दो वर्ष की कैद और 1000 रुपये जुर्माना किया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। गौरतलब है कि हत्याकांड के चश्मदीद गवाह परिजन बयान देने से मुकर गए। उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया।