नशीली चाय पीने से पांच लोगों की हालत बिगड़ गई। बांदा-फतेहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रकों के टकराने के बाद लोगों ने चालकों व क्लीनर को बेहोशी हालत में पाया। कुछ दूर पर ट्रक मालिक भी बेहोशी की हालत में कार के अंदर पड़े मिले। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि जहरखुरानी गिरोह ने लूट के इरादे से नशीली चाय पिलाई है।
अतर्रा निवासी ट्रक मालिक आशीष कुमार पांडेय (24) पुत्र जगदीश पांडेय व फतेहपुर निवासी मुकेश वाजपेयी (28) पुत्र राजा प्रसाद निजी ट्रकों को लेकर कार से कानपुर व्यवसाय के सिलसिले में जा रहे थे। मंगलवार को तड़के पांच बजे चालक दयाराम (40) पुत्र चंद्रपाल व रामदेव (30) पुत्र रामसजीवन और क्लीनर अजय (28) पुत्र श्यामलाल के साथ उन्होंने तिंदवारी बाईपास स्थित एक दुकान में चाय पी। कुछ देर रुकने के बाद सभी लोग फतेहपुर के लिए रवाना हुए।
शहर सीमा से सात किलोमीटर आगे निकलने के बाद ट्रक चालकों पर नशा छाने लगा। चालक जैसे-तैसे 35 किलोमीटर तक ट्रकों को चलाकर ले गए। तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदाघाट गांव के नजदीक सड़क किनारे खड़े बालू भरे ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मारने के बाद दोनों ट्रक रुक गए। आवाज सुनकर आसपास मौजूद तमाम ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। चालकों और क्लीनर को ट्रक में बेहोशी हालत में देखा। उधर, घटनास्थल से आधा किलोमीटर दूर आशीष और मुकेश भी कार के अंदर बेहोशी हालत में पड़े मिले।
बेंदा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विवेक सिंह ने घटना की सूचना चौकी पुलिस को दी। प्रधान प्रतिनिधि की मदद से पुलिस ने सभी को पीएचसी तिंदवारी भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। माना जा रहा है कि लूट के इरादे से जहरखुरानी गिरोह ने नशीली चाय पिलाई है। कोतवाली प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। भुक्तभोगियों के होश आने पर बयान लेकर अगली कार्रवाई की जाएगी।
ट्रक क्लीनर के चाय न पीने से जहरखुरान गिरोह अपने मकसद पर कामयाब नहीं हो सका। क्लीनर मोहम्मद अली पुत्र किफायत अली काफी दिनों से ट्रक चालक दयाराम के साथ आशीष पांडेय के यहां काम करता है। दोनों अतर्रा के रहने वाले हैं। मोहम्मद अली के मुताबिक चाय पीने के समय वह यहां तिंदवारी बाईपास पर ट्रकों के शीशे आदि साफ कर रहा था। कामकाज में व्यस्त होने की वजह से उसने चाय पीने से इंकार कर दिया। शहर सीमा से छह किलोमीटर आगे निकलने के बाद चालक दयाराम पर नशा छाने लगा। ट्रक भी बहकने लगा। आवाज देकर चालक को ठीक से ट्रक चलाने को कहा। महोखर गांव के आगे उसने ट्रक खड़ा कर उसने ट्रक चालक दयाराम का मुंह धुलवाया। तिंदवारी पहुंचने के पहले कई बार ट्रक के बहकने पर उसने आवाज देकर बड़ी दुर्घटना होने से बचा ली।