पड़ोस के दो युवकों द्वारा तमंचे की नोंक पर घर से उठा ले जाए गए किशोरी और उसके भाई को पुलिस नहीं ढूंढ सकी, अलबत्ता उनके ही माता-पिता ने 15वें दिन उन्हें खोज निकाला। दोनों सूरत (गुजरात) के वापी शहर में मिले। अपहरणकर्ता भाग निकले। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गुरुवार को जिला महिला अस्पताल मेडिकल चेकअप के लिए आई शहर के बिजली खेड़ा मोहल्ला निवासी मुन्ना धुरिया की पुत्री छाया (13) ने बताया कि 5 मार्च को दो लोग घर में घुस आए और उसे व उसके भाई आदित्य (11) को तमंचा अड़ाकर जबरन मैजिक में बैठाकर कर्वी ले गए। घटना के वक्त परिजन काम पर गए थे। दो दिन बाद उन्हें दमन ले जाया गया, फिर वहां से वापी ले गए और एक झोपड़ी में रखे रहे। जान से मारने की धमकी देते रहे।
18 मार्च को मौका लगने पर उसने मोबाइल से घरवालों को लोकेशन की जानकारी दी। 20 मार्च को मां आशा धुरिया और पिता मुन्ना वापी आए और उन्हें ढूंढ लिया। घरवालों को देखकर आरोपी युवक भाग गए। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश सरोज ने बताया कि मामला आपसी रंजिश का है। भाई-बहन के लापता होने पर पुलिस ने धारा 366 व 367 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
किशोरी की मां आशा व पिता मुन्ना ने आरोप लगाया कि 31 जनवरी को अपहरण करने वाले पड़ोसी दबंग युवकों ने उसकी बड़ी पुत्री नेहा को भी बंधक बना लिया था। फिर बमुश्किल छोड़ा। 7 फरवरी को छोटी पुत्री अंजली (12) को भी जबरन ले गए। एसपी व डीआईजी से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत से खिसियाए दबंगों ने दुपट्टे से गले में फंदा कसकर जान से मारने की कोशिश की। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की।