पुलिस कार्यालय में खुलासा करते एसपी दिनेश कुमार पी व अन्य।
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बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुत्थी सुलझा दी। पड़ोस में रहने वाले युवक ने वारदात को अंजाम दिया था। खुद को बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों और परिजनों को गुमराह करता रहा।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव डेंगनपुरवा निवासी विजय कुमार की 10 वर्षीय पुत्री रागिनी का 15 मार्च को अपहरण हो गया था। 19 मार्च को गांव के बाहर गेहूं के खेत में क्षतविक्षत शव मिला था। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी प्रमोद पुत्र सुदामा को गिरफ्तार कर पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश किया। एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपी प्रमोद, मृतका के घर के पास रहता है। बेर तोड़ते समय आरोपी ने बालिका को अगवा कर खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद गला दबा कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
बालिका के परिजनों समेत पुलिस को करता रहा गुमराह
दुष्कर्म के बाद बालिका की हत्या कर घर आने के बाद प्रमोद सीधे बालिका के परिजनों के साथ बैठकर बातचीत करने लगा था। काफी देर तक बालिका के घर न लौटने पर परिजनों के साथ खेतों की ओर तलाशने के लिए वह सबसे आगे-आगे चल रहा था। शव मिलने के बाद वह पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़का कर आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग कर रहा था। जिससे उस पर कोई शक न कर सके।
इस तरह हुआ खुलासा
कन्नौज। बालिका को अगवा करने के दौरान आरोपी प्रमोद मुंह को अगौछा बांधे था। इसलिए अन्य बच्चे उसे ठीक तरह से पहचान नहीं पाए। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी प्रमोद, बालिका के घर पहुंच जाता था। पुलिस की पूछताछ के बाद वह परिजनों से जानकारी करता था। इसके अलावा आरोपी पड़ोसी गांव के कुछ लोगों को फंसाने के लिए भी बालिका के परिजनों पर दबाव बनाता था। खेत में शव मिलने के बाद प्रमोद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिए शव भी पुलिस को उठाने नहीं दे रहा था। कई तथ्यों को परखने के बाद स्वाट ने प्रमोद कुमार को हिरासत में ले लिया। इस दौरान उसके कपड़ों में खून के धब्बे लगे मिले। पुलिस की सख्त पूछताछ श्के बाद उसने गुनाह कबूल कर लिया।