चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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कोतवाली देहात क्षेत्र के पचनेही गांव निवासी चुनबाद सिंह पुत्र सहदेव सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बड़ा भाई गप्पा सिंह अपने मामा के साथ 27 दिसंबर 2015 की शाम 4 बजे अपने दरवाजे पर बैठा था। तभी गांव के चिमिरखा सिंह पुत्र बीरबल सिंह व विशंभर सिंह पुत्र बिंदादीन सिंह, सुनील सिंह, विक्रम सिंह पुत्रगण विशंभर सिंह ने गप्पा सिंह को लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया था।
बचाने आई मां को भी घायल कर दिया। गप्पा सिंह की कानपुर में मौत हो गई। पुलिस ने धारा 304, 323, 504 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करके चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दिया था। मंगलवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने सुनवाई के बाद दोष सिद्ध न होने पर चारों आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजराज सिंह परिहार व शंकर सिंह गौतम ने पैरवी की।