बांदा। बाइक सवार तीन लुटेरों ने सोमवार सुबह 11 बजे
मंडल मुख्यालय के व्यस्त इलाके में स्थित सेंट्रल बैंक के गेट पर मदरसे के
चपरासी को गोली मारकर दो लाख रुपये लूट लिए। चपरासी के साथ आए मदरसा
अध्यापक और ड्राइवर को तमंचा सटाकर चुप करा दिया।
पुलिस ने लुटेरों
को पकड़ने के लिए छह टीमें लगाई हैं। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने कोतवाली
पुलिस को 48 घंटे में लुटेरों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
उन्होंने मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू के साथ मौका मुआयना भी किया। चपरासी को गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया है।
मुख्य
सचिव आलोक रंजन कानून व्यवस्था और विकास कार्यों का जायजा लेने 13 जनवरी
को बांदा आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन इसकी तैयारियों में जुटा है।
इसी
बीच सोमवार सुबह बदमाशों ने इतनी बड़ी वारदात कर डाली। दारुल उलूम
रब्बानिया मदरसे के शिक्षक फरहान आलम, चपरासी अब्दुल हफीज (55) के साथ शहर
के डीएवी कालेज और नगर पालिका कार्यालय के मध्य स्थित सेंट्रल बैंक पहुंचे।
इनके साथ बोलेरो का ड्राइवर इब्राहीम भी था। पैसा निकाल कर तीनों बैंक से बाहर निकले। फरहान और इब्राहीम बोलेरो पर सवार हो गए।
बैग
लिए हफीज बोलेरो की ओर बढ़ रहा था कि बाइक सवार बदमाशों ने फरहान और
बोलेरो चालक इब्राहीम पर तमंचे तान दिए। अब्दुल हफीज की पीठ पर तमंचा सटाकर
गोली मार दी और दो लाख रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग निकले।
लूटा गया पैसा मदरसे के कर्मचारियों के वेतन का था। तमंचों से लैस तीनों लुटेरे युवा उम्र के बताए गए हैं। इनके चेहरे खुले थे।
व्यस्त
इलाके में दिनदहाडे़ हुई वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। कुछ ही देर
में मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू और डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी भी मौके पर
पहुंच गए।
पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय भी साथ थे। उधर,
क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह ने जिला अस्पताल में घायल हफीज के बयान लिए।
यहां से रेफर होने के बाद हफीज को कानपुर में हैलट अस्पताल के सामने रमा
शिव हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।
डाक्टरों के मुताबिक गोली उसके सीने में फंसी है। चश्मदीद गवाह मदरसा टीचर फरहान आलम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी आरपी पांडेय का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से लुटेरों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही ये पुलिस की गिरफ्त में होंगे।