शहर के स्टेशन रोड में स्थित पंजाब आर्मरी में असलहों की बड़ी डकैती के मुख्य आरोपी बादशाह उर्फ सुमित सुक्खा उर्फ पाचा का कहना है कि शस्त्र लूटकांड के आरोपियों के तार मुंबई की डी कंपनी से जुड़े हैं। बांदा के कोई लोग नहीं है। यह भी कहा कि अपराधी को किसी की मदद की जरूरत नहीं होती। उधर, यहां जेल में बंद डकैती के सभी छह अभियुक्तों से कोतवाली पुलिस गोपनीय ढंग से पूछताछ करके सुबूत और घटना का ब्योरा जुटाने में जुटी हुई है। शुक्रवार को भी कोतवाली प्रभारी ने जेल में लगभग एक घंटा रुककर यही काम किया।
पंजाब आर्मरी के आरोपियों को मंगलवार (3 जुलाई) को पुलिस नासिक से यहां लाई है। इनमें साहिल खां उर्फ सुक्खा उर्फ पाचा (शिवड़ी, मुंबई), नागेश बलसोड़े (न्यू मुंबई), आमिर पुत्र रफीक शेख (शिवड़ी, मुंबई), वाजिद अली पुत्र फैज (शिवड़ी, मुंबई), सालुके पुत्र सूर्यकांत (चेंबूर, मुंबई), बड़ा सलमान पुत्र अनवर कुरैशी (नागवाड़ा, मुंबई) और नाबालिक आरोपी सलमान पुत्र अमान उल्ला (बांदा) शामिल हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल ले जाए जाते समय मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सुक्खा उर्फ पाचा ने कहा कि उनके तार डी कंपनी से जुड़े हैं। बांदा के कोई लोग उनसे नहीं मिले हैं। जो भी हैं सब मुंबई के हैं। बांदा के मददगारों के नाम पूछने पर बेहिचक और दोटूक अंदाज में जवाब दे रहे पाचा ने यह भी कहा कि अपराधी को किसी के मदद की जरूरत नहीं होती। यहां आना होता रहता था। उनके ऊपर 50 से अधिक मुकदमे हैं।
उधर, 16 जुलाई को न्यायिक रिमांड अवधि पूरी होने के पहले कोतवाली पुलिस इन आरोपियों से ज्यादा से ज्यादा साक्ष्य और ब्योरा जुटाने में जुटी हुई है। इसी श्रृंखला में कोतवाली प्रभारी श्रीनिवास यादव ने शुक्रवार को जेल पहुंचकर मुख्य आरोपी सुक्खा और पाचा से घटना की बाबत तमाम सवाल जवाब किए। हालांकि कोतवाली प्रभारी ने इससे इनकार किया। कहा कि वह नोनिया मोहाल में हुई हत्या के आरोपी से पूछताछ करने के सिलसिले में जेल गए थे। शस्त्र दुकान लुटेरों के सवाल पर कहा कि न्यायालय में प्रक्रिया चल रही है। आदेश मिलने पर रिमांड लेकर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।