अभियुक्त गणेश प्रसाद विश्वकर्मा
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बांदा। पिछले करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे संगीन अपराधों के आरोपी को क्राइम ब्रांच टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसके घर में दबोच लिया। उधर, उसके पकड़े जाते ही सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने उसे छुड़ाने के लिए कवायदें शुरू कर दीं। देर तक उसे पुलिस कार्यालय में बैठाए रखा गया। उधर, आरोपी के पैतृक गांव के बाशिंदो ने भी आरोपी को पकड़वाने में पुलिस की भरपूर मदद की। शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ोखर खुर्द गांव के रहने वाले गणेश प्रसाद विश्वकर्मा पुत्र मातादीन को क्राइम ब्रांच टीम ने गुरुवार को सुबह उसके घर में ही दबोच लिया।
क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि वह 2013 से फरार चल रहा था। उस पर बांदा कोतवाली में कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हैं। मामला कोर्ट में चल रहा है। गांव के तमाम ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से बुधवार को डीआईजी और एसपी को दी अर्जी में बताया था कि उक्त अभियुक्त के घर की कुर्की हो चुकी है। गांव में उसका आतंक है। गांव के सात लोगों को अपनी जमीन नहीं जोतने-बोने दे रहा है। हरेक के साथ गुंडई करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 21 जून को सुबह पांच बजे गांव के नजदीक ही ट्रक रोक कर ड्राइवर को मारापीटा और तोड़फोड़ की। कोतवाली पुलिस आई लेकिन बैरंग लौट गई। उस पर चित्रकूट में भी संगीन धाराओं के मुकदमे हैं। क्राइम ब्रांच द्वारा दबोचे जाने के बाद ही सत्तारूढ़ दल के कुछ नेता उसे रिहा कराने में जुट गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक सिफारिशों का तांता लगा रहा। नतीजे में अभियुक्त को कोतवाली के लाकअप में रखने के बजाए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आगंतुक कार्यालय में सोफे पर बैठाया गया। उसकी मेहमानवाजी भी हुई। उधर, इस बारे में अपर एसपी मायाराम ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं है।