कमीशन न मिलने से खफा दस्यु बलखड़िया ने चित्रकूट के तमरार गांव के पास बान गंगा नदी पर बन रहे दो चेकडैमों पर बृहस्पतिवार की रात धावा बोला और अपने 30-35 साथियों के साथ मिलकर करीब तीन सौ बोरी सीमेंट को नष्ट कर दिया।
पास में ही दो मंजिला टंकी पर सोये मजदूरों को नीचे फेंक दिया। दो चौकीदारों को बंदूक की बट से पीटकर अधमरा कर दिया। मशीनों को नदी में बहा दिया। शुक्रवार सुबह चित्रकूट के एसपी स्वामी प्रसाद ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
बदौसा प्रतिनिधि के अनुसार, यूपी-एमपी पुलिस से साढ़े सात लाख रुपये के इनामी दस्यु सरगना सुदेश पटेल उर्फ बलखड़िया ने अपने गिरोह के साथ तमरार गांव के पास धावा बोला।
यहां लघु सिंचाई विभाग चार चेकडैम बनवा रहा है। डकैतों ने चेकडैम संख्या-4 के पास स्थित ऊंची पक्की टंकी की दो मंजिला इमारत में सो रहे मजदूर राजा यादव (55) और ललऊ यादव (14) वर्ष को पीटने के बाद छत से नीचे फेंक दिया।
नीचे सो रहे रामदेव यादव (62) पुत्र बोदा और राजा नामक मजदूरों से ठेकेदार का नाम और मोबाइल नंबर पूछा। न बता पाने पर उन्हें बंदूक की बटोें और कुल्हाड़ी के हत्थों से बुरी तरह पीटा। इसी दौरान अन्य डकैतों ने वहां रखी करीब डेढ़ सौ बोरी सीमेंट बान गंगा नदी में फेंक दी। शेष बची 150 बोरियों को कुल्हाड़ियों से फाड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
कुछ बोरियां नजदीक स्थित कुएं में फेंक दी। डकैतों का मन इससे भी नहीं भरा तो दो पंपिंग सेट, मिक्सर मशीन भी नदी में फेंक दिए। चेकडैम संख्या-3 के पास रखा पंपिंग सेट तोड़ डाला और उसमें आग लगाने की कोशिश की।
डकैतों की पिटाई का शिकार हुए चौकीदार रामदेव ने बताया कि डकैतों ने अपना नाम बलखड़िया, लवलेश और बबलू आदि बताया। साथ ही यह भी फरमान सुनाया कि ठेकेदार से बता देना कि बिना हमारी इजाजत काम शुरू न करे। कल दिन में हम फिर देखेंगे। यदि काम होता मिला तो अंजाम बुरा होगा। उसने काम के बदले कमीशन देने की बात कही है।
उधर, घटना स्थल के नजदीक दूसरे स्थान पर छिपकर चौकीदार राधेश्याम उर्फ लंबू और रामरूप ने जान बचाई। दोनों ओरन गांव के हैं। निर्माण करा रहे लघु सिंचाई विभाग के ठेकेदार श्यामसुंदर शिवहरे ने अपनी तहरीर में दस्यु बलखड़िया, लवलेश व बबलू को नामजद करते हुए शेष अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध कर्वी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।