षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने त्वरित न्याय करते हुए इसी वर्ष हुए अपहरण के मामले में दिल्ली के दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्रकरण के मुताबिक गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र स्थित घरिहां गांव निवासी गोपाल सिंह बीते 31 जनवरी को अपने घर से मऊ के बढुहा गोदाम जा रहा था। इसके बाद से वह लौटकर घर नहीं आया। परिवारीजनों की ओर से इस मामले में मरदह पुलिस को तहरीर दी। 7 फरवरी 2014 को गोपाल की मां तारा सिंह को फोन पर बार-बार धमकी दी जाने लगी।
मरदह पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना के दौरान दिल्ली के सागरपुर थाना क्षेत्र के मेनसागरपुर निवासी आसिफ खां पुत्र रमजान खां और राघव पुत्र राघवेंद्र उर्फ रग्घू का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विचारण के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश कि ए गए जिन्होंने घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र यादव और अधिवक्ता कृपा शंकर सिंह तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्तों को गुरुवार को धारा 363 एवं 364 भादवि के तहत दोषी करार दिया।
सजा के बिन्दु पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 364 के तहत आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।