बांदा। विकलांग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को पांच वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। आरोपी जमानत पर था। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के पिता ने 22 जनवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री 19 जनवरी को सुबह शौच के लिए खेत गई थी। वह गांव के स्कूल में खाना बनाने गया था। वापस लौटा तो पता चला कि पुत्री वापस नहीं लौटी।
मालूम हुआ कि कानपुर देहात के थाना मूसा नगर अंतर्गत ग्राम जरसेन निवासी पूती सिंह उर्फ अमित यादव पुत्र रामवीर यादव व तिंदवारी थाना क्षेत्र के परागी डेरा (जौहरपुर) निवासी माधव सिंह पुत्र दलगंजन सिंह विकलांग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गए हैं। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के दौरान माधव सिंह का नाम हटा दिया। लेकिन अदालत ने उसे फिर तलब कर लिया।
शनिवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने आरोपी पूती सिंह उर्फ अमित यादव को दोषी मानते हुए धारा 366 में पांच साल का कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना किया। अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। धारा 363 में दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
दूसरे आरोपी माधव सिंह को न्यायालय ने धारा 319 के तहत दोषी मानते हुए 23 मार्च 2017 को तलब किया था। लेकिन वह आज तक अदालत में पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा है कि उसकी पत्रावली अलग करके बाद में सुनवाई की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला खां ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए।
किशोरी को ले जाने में पांच साल की जेल
शौच को गई विकलांग किशोरी को ले गया था आरोपी
आरोप पत्र में हटाए गए आरोपी को अदालत ने किया तलब
अमर उजाला ब्यूरो