फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह ठेकाकर्मियों के खिलाफ दी तहरीर

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। जलापूर्ति बाधित करने और ओवरहेड टैंक जबरन खोलकर भारी मात्रा में पानी बर्बाद करने पर चित्रकूटधाम मंडल के जल संस्थान महाप्रबंधक और जलकल अभियंता ने स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के मंडलीय अध्यक्ष और महासचिव सहित छह ठेकाकर्मियों के विरुद्ध सरकारी काम में बाधा डालने और धमकाने आदि की रिपोर्ट दर्ज कराने की पुलिस को तहरीर दी है। कहा है कि आरोपी जल संस्थान के कर्मचारी नहीं हैं।
विज्ञापन


छह दिनों के क्रमिक अनशन के बाद ठेकाकर्मियों ने शुक्रवार आधी रात के बाद (शनिवार को तड़के से) कार्य बहिष्कार हड़ताल शुरू की। आधी रात को ही कर्मियों ने जल संस्थान की पानी की टंकी, सीडब्ल्यूआर और ट्यूबवेलों पर धावा बोलकर वहां ड्यूटी कर रहे कर्मियों को काम बंद करने के लिए धमकाया। जेल रोड स्थित ओवरहेड टैंक के वाल्व खोल दिए। इससे भारी मात्रा में पानी बह गया।

इसी तरह भूरागढ़ में सीडब्ल्यूआर टैंक और अतर्रा रोड के नलकूपों पर भी कर्मियों को काम से रोका। जल संस्थान महाप्रबंधक जवाहर राम और जलकल अभियंता रतनलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रात करीब सवा 12 बजे अधिशासी अभियंता रतनलाल, जलकल अभियंता श्यामराज, अवर अभियंता संदीप उपाध्याय, कौशल कांत व राघवेंद्र सिंह निरीक्षण को निकले थे।
विज्ञापन


इन लोगों ने देखा कि तीन बाइकों पर जयराम चौरसिया, श्रीपाल यादव, रामसुफल यादव उर्फ भभूका, कामता प्रसाद यादव, अफजल और मोमिन ने सिविल लाइन स्थित जेल के सामने बने ओवरहेड टैंक का वाल्व खोल दिया, जिससे पानी बर्बाद हो गया और जलापूर्ति नहीं हो पाई। इसी तरह सीडब्ल्यूआर व अतर्रा रोड नलकूप नंबर-एक पर जाकर जलापूर्ति में लगे कर्मियों को काम नहीं करने दिया। सीडब्ल्यूआर और जेल रोड टंकी का पानी रातभर बहता रहा। जलापूर्ति प्रभावित हुई।

महाप्रबंधक ने पत्र में कहा है कि ये लोग जल संस्थान के कर्मचारी नहीं हैं। जलकल परिसर निषिद्ध क्षेत्र है। जहां आम आदमी का जाना वर्जित है। इन लोगों ने जनजीवन के साथ खिलवाड़ किया है। यह संज्ञेय अपराध है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज गिरफ्तार किया जाए।

उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीनिवास यादव ने बताया कि फिलहाल रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। ठेका कर्मियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। उधर, जल संस्थान महाप्रबंधक ने बताया कि उन्होंने तहरीर वापस नहीं ली है, न ही कोई समझौता किया है। जलापूर्ति में बाधा पैदा करने वालों की रिपोर्ट दर्ज होनी ही चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें