अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पत्नी के हत्यारे पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा दी है। 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। आरोपी पति घटना के बाद से छह वर्ष दो माह से जेल में है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के मूंगुस गांव में 27/28 मई 2011 की रात ससुराल में सोते समय सरस्वती की लाठी-डंडे से पीटकर पति ने तड़के करीब चार बजे हत्या कर दी थी। मृतका के भाई कुलदीप पटेल (शमसुद्दीनपुर) ने तिंदवारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सरस्वती को उसके पति रामराज सिंह पटेल ने लाठियों से पीटा।
अस्पताल में उसकी मौत हो गई। भाई ने आरोप लगाया था कि गांव की एक अन्य महिला से रामराज सिंह के अवैध संबंध हैं। पत्नी सरस्वती और उसकी बेटी पुष्पा इसका विरोध करतीं थीं। पति रामराज आए दिन शराब पीकर दोनों को मारता-पीटता था।
पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ धारा 304 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। घटना के अगले ही दिन पुलिस ने 29 मई 2011 को पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से पति जेल में है। जमानत अर्जी खारिज हो गई।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी पति रामराज सिंह पटेल के विरुद्ध हत्या का आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। अपर सेशन न्यायाधीश (द्वितीय, एफटीसी) की अदालत में केस चला।
सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव और फेरनपाल सिंह ने पांच गवाह पेश किए। बुधवार को न्यायाधीश अनिल कुमार ने इसका फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने लगभग 45 वर्षीय अभियुक्त रामराज सिंह पटेल को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की कैद और होगी।
10 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा
6 वर्ष 2 माह से जेल में है, जमानत नहीं हुई
अवैध संबंधों के विरोध में मार दिया पत्नी को