बांदा। शादी का झांसा देकर किशोरी से दुराचार और गर्भपात कराने के जुर्म में अदालत ने लगभग 6 साल बाद अभियुक्त को सात साल की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर ढाई माह अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी कि 13 सितंबर 2010 को सुबह 9 बजे देवार (सतना, एमपी) गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र दुलीचंद्र उसकी पुत्री को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले गया था।
आरोपी की मदद में उसके पिता दुलीचंद्र व मां और भाई भल्ला उर्फ रामप्रकाश भी शामिल रहे। ओमप्रकाश उसकी पुत्री को मुंबई ले गया और तीन माह तक दुराचार किया। वह गर्भवती हो गई। सतना के एक प्राइवेट अस्पताल में उसका गर्भपात करा दिया और गांव वापस छोड़ गया।
एसपी के हस्तक्षेप पर कालिंजर थाना पुलिस ने 24 जनवरी 2011 को आरोपियों के विरुद्ध धारा 376, 363, 366क, 368 के तहत रिपोर्ट कर ली। विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवपूजन सिंह पटेल ने 5 गवाह पेश किए।
अपर सेशन न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम हरेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को अभियुक्त ओमप्रकाश को धारा 376 में 7 वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी 3-3 वर्ष की जेल व एक-एक हजार रुपये जुर्माने के आदेश दिए। सभी सजाएं साथ चलेंगी और जेल में बिताई अवधि भी सजा में समायोजित होगी।
-करीब 6 साल बाद अदालत ने सुनाई सजा
-जुर्माना न देने पर ढाई माह अतिरिक्त जेल
अमर उजाला ब्यूरो