बांदा। चाय की चुस्की में 50 हजार की चपत लग गई। जहरखुरानी गिरोह ने एक कप चाय पिलाकर कई महीने की गाढ़ी कमाई ऐंठ ली और बेहोश की अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। युवक और उसकी मासूम पुत्री को होश आने पर पुलिस ने घर पहुंचाया।
बांदा जिले की सीमा से जुड़े एमपी के धरमपुर (पन्ना) क्षेत्र के खोरा गांव का छोटू प्रसाद (35) पुत्र अयोध्या विजयवाड़ा (राजस्थान) में कपड़ों के कारखाने में काम करता है। वह घर लौट रहा था। साथ में पांच वर्षीय पुत्री पूनम भी थी। रविवार की रात वह उदयपुर-खजुराहो सुपर फास्ट इंटरसिटी एक्सप्रेस से महोबा आया। यहां बांदा के लिए पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। तभी दो युवक आए और खुद को पड़ोसी कस्बा अजयगढ़ का बताकर छोटू को विश्वास में ले लिया।
कुछ देर बाद दोनों ने उसे चाय और समोसा खिला दिया। यह खाते ही छोटू और उसकी पुत्री नशे में बेहाल हो गए। जहरखुरानों ने उसके पास रखे 10 हजार रुपये नगद और लगभग 40 हजार रुपये का कपड़ा अपने कब्जे में ले लिया और छोटू व उसकी पुत्री को खजुराहो-कानपुर पैसेंजर ट्रेन में बैठा दिया। मौदहा में छोटू को कुछ सुध आई तो यात्रियों को आपबीती बताई। वहां ट्रेन से उतार कर उसे पैसेंजर में बैठाकर बांदा भेज दिया गया।
इसी बीच छोटू ने फोन पर अपने घर खबर कर दी। पत्नी सुनैना और भाई राजकुमार बांदा रेलवे स्टेशन आ गए और पुलिस की झंझट में पड़े बगैर छोटू को घर लेकर रवाना हो गए। जीआरपी इंस्पेक्टर इंद्रमोहन बड़ोला ने इस घटना से अनभिज्ञता जताई।