बांदा। निजी पुश्तैनी भूमि को फर्जी ढंग से नजूल दर्शाकर फ्री होल्ड करा लेने पर अदालत के आदेश से बांदा नगर पालिका के पूर्व अधिशासी अधिकारी और संबंधित कर्मचारी सहित चार अन्य लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूटरचित अभिलेख तैयार करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नजरबाग (बांदा) निवासी राजीव कृष्ण पुत्र श्याम कृष्ण द्वारा दी गई अर्जी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से शुक्रवार (10 मई) को शाम शहर कोतवाली में बांदा नगर पालिका के तत्कालीन ईओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव और कलेक्ट्रेट के संबंधित कर्मचारी तथा होलाराम सिंधी पुत्र राधा कृष्ण (छावनी), अमृतलाल जेठानी पुत्र आवतराम (पंजाबी कालोनी), अनिल कुमार मूलचंदानी पुत्र लक्ष्मणदास (गूलरनाका) और अशोक कुमार लालवानी पुत्र परमानंद (छावनी) के विरुद्ध धारा 420, 467, 468 व 471 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट कर्ता राजीव कृष्ण ने कहा है कि बंटवारे में मिले पुश्तैनी भूखंड में वह दाल मिल और मिलन घर चला रहा है। इसी का कुछ हिस्सा उसने होलाराम सिंधी को 35 साल से किराए पर देर रखा है। होलाराम उसमें कोयले का व्यापार कर रहा है, लेकिन जनवरी 2002 से मासिक किराया नहीं दिया।
इस पर न्यायालय में बेदखली का केस लंबित है। इसी बीच होलाराम ने उसकी जमीन को नजूल दिखाकर फ्री होल्ड कराकर रजिस्ट्री करा ली। नगर पालिका और कलक्ट्रेट कर्मियों से मिलकर खसरा आबादी व अन्य अभिलेखों में हेरफेर किया, जबकि तमाम अभिलेखों में आज वह (राजीव कृष्ण) दर्ज है।