बांदा। विधवा चाची और पड़ोस में रह रहे बीए के छात्र भतीजे ने जहर खा लिया। चाची की मौत हो गई, जबकि छात्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस प्रेम प्रसंग का मामला मान रही है। परिजन कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
घटना मरका थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव की है। शनिवार को तड़के अनीता उर्फ ननकी (30) ने जहर पी लिया। उसके पति धर्मवीर निषाद की चार साल पहले मौत हो गई थी। इसी के कुछ देर बाद अनीता के घर से चंद कदम दूर रहे रहे उसके भतीजे अमर (18) पुत्र सुभाषचंद्र निषाद की भी जहर खा लेने से हालत गंभीर हो गई।
दोनों के परिजन उन्हें बबेरू सीएचसी लाए। यहां अनीता की मौत हो गई। भतीजे अमर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमर के पिता सुभाषचंद्र ने बताया कि अमर ने इसी वर्ष भभुवा गांव स्थित महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा दी है।
कहा कि घटना के पीछे प्रेम प्रसंग है या कोई अन्य कारण? फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है। मृतका के देवर शत्रुघ्न ने बताया कि पति की मौत के बाद अनीता अपनी सास के साथ रहती थी। जेठ धर्मराज और एक अन्य देवर रामराज परदेस में रहते हैं। अनीता की बड़ी बहन रेखा भी यहां रहती थी। इन दिनों वह मायके लक्ष्मणपुर (असोथर, फतेहपुर) गई है।
उधर, मरका थाना प्रभारी निरीक्षक जाकिर हुसैन ने बताया कि प्रथमदृष्टया प्रेम प्रसंग का मामला है। मिली जानकारी का हवाला देकर बताया कि शुक्रवार को शाम सास ननकी ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था।
इस पर अनीता और अमर के घरवालों के बीच कहासुनी हुई। कुछ देर बाद अनीता ने जहर पी लिया। इसके बाद अमर ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक आत्मग्लानि में दोनों ने घटना की। अनीता उर्फ ननकी के पति धर्मवीर की मौत 4 साल पूर्व बीमारी के चलते हुई थी। उसके 8 वर्षीय पुत्र दुर्गेश उर्फ गोलू और 3 वर्षीय पुत्री चाहत है।
पति की मौत के बाद अनीता अपने हिस्से की सात बीघा जमीन पर सास की मदद से खेती करती थी। घरवालों को भी प्रेम प्रसंग की जानकारी नहीं थी। पड़ोसियों के मुताबिक एक ही परिवार होने से अमर व अनीता का एक-दूसरे के घरों में आना-जाना रहता था।