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नीलू की सकुशल वापसी की चर्चा

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बांदा। अपहृत टाइल्स व्यापारी प्रदीप सेंगर उर्फ नीलू के अतर्रा स्थित आवास में 21 दिनों से छाई मायूसी शायद नवरात्र के दस्तक देते ही दूर हो गई है। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक नीलू सकुशल घर लौट आए हैं, लेकिन कोई रणनीति है या मजबूरी फिलहाल परिजन और पुलिस इसे स्वीकार नहीं रहे हैं। गुरुवार को पूरा दिन नीलू के आवास पर मीडिया मंडराती रही। इससे कई बार परिजन झुंझला भी गए।
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21 सितंबर की रात करीब 8 बजे बांदा शहर के चिल्ला रोड पर स्थित नीलू सिंह का उसके कजारिया टॉइल्स शोरूम से करीब आधा दर्जन सशस्त्र बदमाशों ने नीलू की कार समेत अपहरण कर लिया था। मंडल मुख्यालय में इस अंदाज की पहली घटना से हड़कंप मच गया। तीसरे दिन पड़ोसी जिले छतरपुर में लावारिस अवस्था में नीलू की कार मिली। तब से बांदा पुलिस के साथ छतरपुर पुलिस भी तलाश में जुटी रही।

पुलिस महानिदेशक भी अपने स्तर से व्यापारी की खोजबीन करवाते रहे। पुलिस की तमाम मशक्कतों के बाद भी नीलू हाथ नहीं लगा। न ही बदमाशों का कुछ सुराग लगा। उधर, नीलू के घर में उसके दादा और माता-पिता तथा पत्नी और दो मासूम बच्चों पर सदमे का पहाड़ टूट पड़ा। खाना-पीना और नींद गायब हो गई। राजनीतिक और अफसर उन्हें जाकर तसल्ली देते रहे। पुलिस पर काफी दबाव रहा। किरकिरी भी हो रही थी।
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नवरात्र के पहले दिन बुधवार को यह तेज खबर फैली कि नीलू सकुशल हैं। वे अपने घर पहुंच गए हैं। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से चली। मीडिया कर्मी नीलू के घर मंडराने लगे। हालांकि पिता तेजबली सिंह ने ऐसी किसी खुशखबरी से इनकार करते हुए अफवाह बताया। उधर, देर शाम डीआईजी मनोज तिवारी ने इस बाबत पूछे जाने पर हंसते हुए कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उनकी बातचीत से भी अनुमान लगा कि ‘गुड न्यूज’ जल्द बताएंगे।
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