बांदा। रक्षाबंधन पर मायके आई बेटी को वापस ससुराल विदा करने के फौरन बाद ही महिला ने जहर खाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि पेट की बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की है। अन्य घटनाओं में दो युवतियों समेत चार ने जहर खा लिया। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पड़ोसी जनपद छतरपुर (एमपी) के सरबई थानांतर्गत आनंदीपुर गांव में गुरुवार की शाम गोलो (40) पत्नी भगवानदास राजपूत ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन यहां जिला अस्पताल लाए। शुक्रवार को सुबह उसकी मौत हो गई।
मृतका अपने पीछे तीन पुत्री और एक पुत्र छोड़ गई है। एक पुत्री की शादी हो गई है। शेष नाबालिग है। पति ने बताया कि विवाहित पुत्री प्रेमकुमारी रक्षाबंधन पर अपनी ससुराल खोड़े (चंदला) से मायके आई थी।
गुरुवार को वह वापस गई है। मां गोलो उसे बस पर बैठाने सरबई गांव तक गई। वहां से लौटकर आते ही घर में जहर खा लिया। पति के मुताबिक पेट की मरीज थी। शायद इसी से तंग आकर आत्महत्या की है। पुलिस ने बांदा में शव का पोस्टमार्टम कराया है।
एक दूसरी घटना में मटौंध कस्बा निवासी फूलकली (43) पत्नी रामसजीवन ने शुक्रवार को दोपहर घर में जहर खा लिया। इसी तरह चिल्ला थाना क्षेत्र के पपरेंदा गांव में माया (25) पत्नी कालका प्रसाद ने गुरुवार की रात जहर खा लिया। उधर, शहर के कालूकुआं निवासी धीरज राजपूत (26) पुत्र राजकुमार ने गुरुवार को शाम जहरीला पदार्थ पी लिया। उधर, शहर के नवाब टैंक निवासी श्यामबाबू (25) पुत्र बच्चू ने भी शुक्रवार को सुबह जहरीला पदार्थ पी लिया।