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बवाल में नामजद छात्रों ने किया सरेंडर

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अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। ट्रक से कुचलकर छात्र की मौत से भड़के छात्रों द्वारा की गई तोड़फोड़ और बवाल मामले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट में नामजद हुए आधा दर्जन छात्रों ने आठ वर्षों बाद शुक्रवार को यहां न्यायालय में सरेंडर कर दिया। जमानत अर्जी खारिज कर अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया।


घटना 14 सितंबर 2010 की है। सुबह करीब 9 बजे तिंदवारी में साइकिल से स्कूल जा रहे एसएन इंटर कालेज के छात्र सुनील कुशवाहा को गिट्टी भरे ट्रक ने रौंद दिया था। उसकी वहीं मौत हो गई थी। इससे भड़के छात्रों व ग्रामीणों ने शव के पास भारी हंगामा किया। कई वाहनों को तोडफ़ोड़ दिया। पुलिस की जीप व ट्रक तथा सरकारी बस में आग लगा दी। छात्रों के हुजूम ने थाने में धावा बोलकर पथराव भी किया था। थाने की बाउंड्री तोड़ दी थी। थाना परिसर में खड़े कई वाहनों को आग लगा दी थी। तत्कालीन सीओ, थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। पुलिस के मुताबिक बबेरू तिराहे में फायरिंग भी हुई।
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पुलिस की ओर से तिंदवारी थाने में बड़ी तादाद में अज्ञात छात्रों व ग्रामीणों के विरुद्ध धारा 147, 148, 149, 307, 332, 353, 436, 336 आईपीसी और 7 क्रिमिनल लॉ एमेडमेंट एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई। तफ्तीश में पुलिस ने एक सूची में 96 और दूसरी सूची में 63 छात्रों व ग्रामीणों को अभियुक्त बनाया। इस मामले में अब 8 वर्षों बाद शुक्रवार को आरोपी छंगू यादव पुत्र रामपाल, अनिल कुमार यादव पुत्र मधुराज, मातादीन वर्मा पुत्र गंगा, श्यामबरन वर्मा और उसका भाई रामबरन वर्मा पुत्र पंचा तथा फूलचंद्र यादव पुत्र भुज्जा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हाजिर होकर आत्म समर्पण कर दिया। ये सभी बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पड़री गांव के रहने वाले हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खलीकुज्जमां ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी खारिज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।



-छात्र की मौत के बाद तिंदवारी में हुआ था बवाल
-आगजनी, तोड़फोड़ और गोली कांड की घटना
-जमानत अर्जी खारिज कर आरोपी भेजे गए जेल
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