बांदा। गैंगेस्टर के दो दोषियों को 13 साल तक चले मुकदमे के बाद 10-10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना अदा न करने पर 5-5 माह जेल में और बिताना होगा।
मर्का थाना क्षेत्र तत्कालीन थानाध्यक्ष डीडी वर्मा ने 7 जून 2005 को थाने में रिपोर्ट दर्ज की थी कि गैंग लीडर छत्रपाल निषाद पुत्र जगराम (जरौली, फतेहपुर), धर्मा उर्फ धर्मदास पुत्र कुवरवा (खैरी डेरा, मरका), जगजीत पुत्र देवीदयाल निषाद (मिर्जापुर, मरका), फुलवा उर्फ फूलचंद्र पुत्र रामकिशुन निषाद, फूल कुमार निषाद पुत्र मुकद्दम उर्फ खड्डी, रामबाबू उर्फ दिब्बा निषाद पुत्र विशंभरनाथ (निवासीगण फतेहपुर) गिरोह बनाकर समाज विरोधी क्रिया कलाप कर रहे हैं।
गंभीर अपराधों के अभ्यस्त हैं। बांदा व फतेहपुर में दो दर्जन से अधिक केस चल रहे हैं। गैंगेस्टर एक्ट की धारा 2/3 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई। गैंग लीडर छत्रपाल समेत फुलवा, फूूल उर्फ फूलचंद्र, रामबाबू निषाद ने अपना जुर्म इकबाल कर लिया था। अदालत ने सजा देकर उनका मामला निस्तारित कर दिया था।
अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद शुक्रवार को गैंगेस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश खलीकुज्जमां ने अभियुक्त धर्मा और जगजीत निषाद को गैंगेस्टर एक्ट की धारा 3 में 10-10 साल की कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर 5 माह और जेल में रहना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला खां ने 4 गवाह पेश किए।