अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बीमारी से परेशान किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक अन्य घटना में घरेलू कलह के चलते ग्रामीण ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है।
शहर कोतवाली के छाबी तालाब में किशोरी लाल निषाद की 15 वर्षीय पुत्री पूजा निषाद ने मंगलवार की शाम घर में पंखे के हुक में रस्सी से फांसी लगा ली। शाम को गुटखा फैक्ट्री से वापस आया पिता दरवाजा न खुलने पर दीवार फांदकर घर में घुसा तो बेटी के फांसी लगाने की जानकारी हुई।
फंदे में झूल पूजा को पुलिस की मौजूदगी में नीचे उतारा गया। पोस्टमार्टम हाउस में पिता किशोरी लाल ने बताया कि घर में पूजा अकेली थी। मां गुनिया और पुत्र मनोज भी काम करने चले गए थे।
बताया कि बेटी टीबी, श्वांस और पीलिया की बीमारी से पीड़ित थी। साल भर से उसका इलाज चल रहा था। फिर भी सेहत नहीं सुधर रही थी। आर्थिक तंगी के बावजूद दवा पर ज्यादा खर्च होने से भी वह तनाव में थी। अक्सर घर में खर्च को लेकर चर्चा करती थी। इन्हीं वजहों के चलते उसने खुदकुशी कर ली।
एक अन्य घटना में बबेरू कोतवाली क्षेत्र के काजी टोलां गांव में राजकुमार (40) पुत्र लोटन ने मंगलवार की रात फांसी लगा ली। घरवालों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक घरेलू कलह के चलते उसने जान देने की कोशिश की।
-दरवाजा न खुलने पर पिता दीवार फांदकर घर में घुसा
-घरेलू कलह पर ग्रामीण ने की जान देने की कोशिश, रेफर