बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न चर्चित केस के मुख्य आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन और सहअभियुक्त उसकी पत्नी दुर्गावती पर सीबीआई द्वारा बढ़ाई गई पाक्सो एक्ट की आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर धाराओं को अदालत ने हरी झंडी दे दी। बढ़ी धाराओं में उम्रकैद और सजा-ए-मौत तक का प्राविधान है। उधर, दुर्गावती की जमानत अर्जी पर मंगलवार को बहस नहीं हो पाई। अब इस अर्जी पर 25 जनवरी को सुनवाई होगी।
बांदा जेल में बंद आरोपी जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती पर सीबीआई के विवेचक/उपाधीक्षक अमित कुमार ने पूर्व में निरुद्ध की गईं धाराओं के अलावा पाक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 8, 10, 12, 15 और 17 भी जोड़ते हुए सोमवार को यहां विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/पंचम अपर जिला जज मोहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष अर्जी व अभिलेख दाखिल किए थे। इस पर न्यायाधीश ने अगले दिन मंगलवार (19 जनवरी) सुनवाई के लिए निर्धारित की थी।
मंगलवार को दोपहर में सीबीआई के उपाधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में उनकी टीम के सदस्य अदालत में उपस्थित रहे। सीबीआई के अधिवक्ता ने न्यायाधीश से बढ़ाई गई धाराओं को भी स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इसके पक्ष में अपनी दलीलें दीं।
कहा कि जांच में आए तथ्यों के बाद यह धाराएं बढ़ाईं गईं हैं। अंतत: संक्षिप्त सुनवाई/बहस के बाद न्यायाधीश ने सीबीआई की अर्जी मंजूर करते हुए बढ़ाई गई धाराओं को स्वीकृति दे दी। उधर, आरोपी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर मंगलवार को निर्धारित बहस/सुनवाई नहीं हो सकी। दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद ने अदालत में अर्जी देकर अनुरोध किया कि बहस की तिथि बढ़ा दी जाए। उन्होंने दलील दी कि सीबीआई ने धाराओं में बढ़ोतरी कर दी है। इसके मद्देनजर जमानत अर्जी नई तैयार करके अदालत में पेश की जाएगी। उसी आधार पर बहस की जाएगी। न्यायाधीश ने यह अर्जी स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 25 जनवरी निर्धारित की है।