मटौंध में पटरियों के गैप के बीच गुजरती पैसेंजर।
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बुधवार को बांदा-झांसी ट्रैक पर रेल दुर्घटना का बड़ा हादसा बाल-बाल बच गया। पटरी के ज्वाइंट में तीन इंच की दरार आ गई। इसी बीच इलाहाबाद से झांसी जा रही यात्री पैसेंजर का इंजन इससे गुजर रहा था कि चालक की नजर पड़ गई। उसने तत्काल ट्रेन रोक दी। पटरी दुरुस्त करने के लिए लगभग दो घंटे इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन ठप रहा।
इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन मटौंध रेलवे स्टेशन के पहले आउटर के पास पटरी के ज्वाइंट पर काफी ज्यादा गैप (दरार) आ गई। इसी बीच दिन में करीब 2.45 बजे यहां से इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी। इस जोड़ पर इंजन पार ही हुआ था कि चालक (पायलट) एसएस चंदेल की नजर पड़ गई। उसने ट्रेन को वहीं रोक दिया।
पायलट और गार्ड जेके सिंह ने मटौंध रेलवे स्टेशन के उप प्रबंधक और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस बीच चालक ने बहुत धीमी रफ्तार से ट्रेन को दरार वाले जोड़ से पार निकाला। बाद में रेलवे कर्मियों की टीम इसकी मरम्मत में जुट गई। इस दौरान अन्य ट्रेनों का आवागमन रोके रखा गया। करीब 4 बजकर पांच मिनट पर पटरी दुरुस्त हुई।
वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) महेश कुमार शाक्या ने बताया कि अधिक ठंड से रेल ट्रैक के ज्वाइंट पर ऐसी समस्या आ जाती है। हालांकि अभियंता ने इससे किसी दुर्घटना की संभावना से इनकार किया। रेलवे के यातायात निरीक्षक पीके सिंह ने बताया कि पटरियों के गैप को ठीक कर दिया गया है। यहां से ट्रेनों का संचालन सामान्य हो गया है।