बांदा। पत्नी की हत्या के जुर्म में अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा होगी। पति दो साल से जेल में है।
छतरपुर (एमपी) के गहबरा गांव निवासी राजकुमार तिवारी ने 7 मई 2018 को जसपुरा (बांदा) थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपनी बेटी रश्मी तिवारी (30) का विवाह गौरीकलां गांव निवासी देवनारायण तिवारी के साथ किया था। 5 मई 2018 को फोन पर सूचना मिली की ससुराल में रश्मी की उसके पति ने मारपीट व गला दबाकर हत्या कर दी है।
खबर मिलने पर वह बेटी की ससुराल पहुंचा। पोस्टमार्टम में शरीर में छह चोटे पाई गईं। पुलिस ने धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तफ्तीश की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए।
सोमवार को अपर जिला न्यायाधीश ने पति देवनारायण तिवारी को दोषी पाते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। उधर, एक अन्य मामले में अदालत ने किशोरी के अपहरण के मामले में दोष सिद्ध न होने पर बबेरू के बगेहटा गांव निवासी सिराज खां पुत्र पतलू को बरी कर दिया।