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मारपीट में छह माह की कैद

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बांदा। सात वर्षों पूर्व भाई-बहन को पीटने के दोषी को 6 माह की सजा सुनाई गई। शहर की खुटला निवासी आरती ने 16 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपने भाई शीलू के साथ घर जा रही थी। तभी पड़ोसी उमेश सोनकर पुत्र गेंदू सोनकर ने उसे रास्ते में रोककर मारापीटा और तमंचे से फायर किया।
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दोनों भाई-बहन फायर से बाल-बाल बच गए। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना की और आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद मंगलवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अंसारी ने उमेश सोनकर धारा 323, 504, 506 में दोषी पाया। 307 का आरोप सिद्ध नहीं हुआ। धारा 323 में 6 माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना, 504 व 506 में 6-6 माह की जेल और 3-3 हजार जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: 15 दिन और एक माह की अतिरिक्त जेल होगी। अदालत में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। उधर, अदालत में वादिनी आरती व भाई शीलू को 3-3 हजार रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बांदा। अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी अदालत से खारिज हो गई। बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 फरवरी 2021 की रात पड़ोसी अनार राजपूत उसकी बेटी को लेकर भाग गया। कई दिनों बाद भदोही से बांदा आने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। किशोरी की उम्र 16 वर्ष होने से डाक्टरी परीक्षण और 164 के बयान के बाद पिता को सौंप दिया। आरोपी जेल में है। मंगलवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद जमानत के आधार न पाते हुए विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अनु सक्सेना ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
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