प्रदेश की सभी अदालत परिसरों में सरकारी और गैरसरकारी शस्त्र लाने पर रोक लगे। यह मांग अधिवक्ताओं ने सरकार से की।
इलाहाबाद में दरोगा की गोली से वकील की मौत के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। जिला अधिवक्ता संघ ने बार कौंसिल उत्तर प्रदेश से मिले निर्देश का हवाला देकर 16 मार्च को भी हड़ताल पर रहने की घोषणा की। जिला प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री को संघ ने चार सूत्रीय ज्ञापन भेजा है।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष जागेश्वर यादव और महासचिव प्रयागदत्त अवस्थी सहित अधिवक्ताओं के जत्थे ने शुक्रवार को यहां कलेक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन दिया। इसमें मांग की गई है कि इलाहाबाद के आरोपी दरोगा को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए। मारे गए अधिवक्ता के आश्रित को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा मिले।
कोर्ट परिसरों में सरकार और गैरसरकारी शस्त्र लाने पर रोक लगे। अधिवक्ताओं को शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं। ज्ञापन देने वालों में संजय त्रिपाठी, कपिल देव त्रिपाठी, संतोष द्विवेदी, महेंद्र सिंह गौतम, आदित्य नारायण द्विवेदी, बच्छराज सिंह आदि शामिल रहे।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अमर सिंह राठौर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और नेशनल हाइवे पर जाम लगाया। लगभग आधा घंटा आवागमन बंद रहा।
अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद के डीएम व एसएसपी को तत्काल हटाने की मांग की। चेतावनी दी कि सरकार ने लीपापोती की तो सरकार की नींद हराम कर दी जाएगी। पूर्व अध्यक्ष छोटेलाल अवस्थी, पूर्व सचिव संतोष सिंह, अरविंद पांडेय, पुरुषोत्तम पांडेय, ब्रह्मदत्त शुक्ला, हरीबाबू शुक्ला, संतोष द्विवेदी, राजललन गर्ग, सूरज वाजपेई, राजेश द्विवेदी, मनोज द्विवेदी, राजाराम शुक्ला, अनपत सैनी, संजय श्रीवास्तव, दिलदार वर्मा, मनोज श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। उधर, हड़ताल से अदालतों में कामकाज नहीं हुआ और वादकारी परेशान रहे।