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उप श्रमायुक्त कार्यालय में भ्रष्टाचार की जांच शुरू

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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के उप श्रमायुक्त कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और दलाली की निर्माण मजदूर यूनियन द्वारा की गई शिकायत पर प्रदेश के श्रम आयुक्त ने जांच शुरू करा दी है। उप श्रमायुक्त और सहायक श्रमायुक्त ने यहां आकर जांच की और मजदूरों के बयान दर्ज किए।
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निर्माण मजदूर यूनियन मंत्री और कताई मिल मजदूर मोर्चा नेता रामप्रवेश यादव ने इसी माह प्रदेश के श्रमायुक्त को भेजे शिकायती पत्र में कहा था कि बांदा स्थित उप श्रमायुक्त कार्यालय में पंजीकृत मजदूरों को योजनाओं का लाभ दिलाने में कमीशनखोरी हो रही है। कर्मचारियों की मिलीभगत से दलाल सक्रिय हैं।
लाभार्थियों से अलग-अलग योजनाओं में उगाही की जा रही है। शासन की योजनाओं का लाभ मजदूरों को नहीं मिल पा रहा हैं। मजदूरों की फाइलें दो-दो साल से लंबित हैं। पत्र में मांग की गई थी कि उप श्रमायुक्त और उनके स्टाफ को हटाकर जांच कराई जाएं। सभी योजनाओं का मजदूरों को नियमानुसार लाभ दिलाया जाए। यूनियन ने चेतावनी दी थी कि 15 दिन के अंदर जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन श्रम कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करेगा।
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इसी शिकायत पर श्रमायुक्त ने अपने मुख्यालय के उप श्रमायुक्त सियाराम और सहायक श्रमायुक्त शेरसिंह को जांच अधिकारी नियुक्त क रते हुए जांच के आदेश दिए थे। इस पर बुधवार (12) फरवरी को उक्त दोनों जांच अधिकारी उप श्रमायुक्त कार्यालय पहुंचे।
शिकायतकर्ता रामप्रवेश सहित मजदूर गुड़िया पत्नी प्रदीप कुमार, सुनीता पत्नी नत्थू, संतोष कुमार, शरफिया पत्नी अली हसन आदि के बयान दर्ज किए। दोनों जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट श्रम आयुक्त को देंगे। उधर, शिकायतकर्ता रामप्रवेश ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों ने सिर्फ औपचारिकता की है। सभी मजदूरों के बयान नहीं लिए। यह भी कहा कि विभागीय कर्मचारियों से घिरे रहे।
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