अस्पताल में मृतक के चाचा अवधेश सिंह से जानकारी लेते कोतवाली देहात इंसपेक्टर हुकुम पाल सिंह।
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बांदा। पुरानी रंजिश में युवक की गांव के ही दबंगों ने सरेशाम गोली मारकर हत्या कर दी। वह गुजरात में प्राइवेट कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन में कुछ दिन पहले ही गांव आया था। घटना के बाद भारी संख्या में गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। मृतक गांव के पूर्व प्रधान का भतीजा और पूर्व विधायक का खानदानी था।
घटना मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर देहात कोतवाली क्षेत्र के गुरेह गांव की है। सोमवार की शाम करीब 6 बजे विजय उर्फ लब्बू (28) पुत्र विनोद प्रताप सिंह घर के दरवाजे के नजदीक मंदिर के चबूतरे पर बैठा हुआ था। इसी बीच गांव के कुछ दबंग आ गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। चबूतरे से नीचे घसीटकर गोली मार दी।
दाएं कंधे के नीचे गोली लगने से विजय लहूलुहान होकर गिर पड़ा। कुछ ही देर में तड़पकर उसकी मौत हो गई। हत्यारोपी भाग निकले। ग्रामीणों के मुताबिक गोली तमंचे से मारना बताई गई है। घटना के बाद आसपास दहशत फैल गई। लोग घरों में दुबक गए। विजय के परिजन तत्काल उसे जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर लाए। यहां डाक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। शव को मर्च्युरी में रखा गया है।
खबर मिलते ही जिला अस्पताल में देहात कोतवाली पुलिस पहुंच गई। उधर, घटनास्थल में भी अपर एसपी, क्षेत्राधिकारी फोर्स के साथ पहुंच गए और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। आरोपियों के घर में दबिश दी गई। लेकिन वे हाथ नहीं लगे। बताते हैं कि हत्यारोपी पिता-पुत्र एक अन्य हत्या के प्रयास मामले में जेल जा चुके हैं।
जिला अस्पताल में मृतक के चाचा पूर्व प्रधान अवधेश सिंह ने बताया कि घर के सामने 50 फीट लंबा चबूतरा है। इसमें उन्होंने बाउंड्री कराई थी। जिस पर पहली जून को आरोपियों ने अपना दावा करते हुए दीवार गिरा दी थी। इसकी शिकायत देहात कोतवाली पुलिस और सीओ से की थी। पिता विनोद प्रताप सिंह गांव में ही डाकघर में डाकपाल हैं।
मृतक इस गांव के बाशिंदे और तिंदवारी से विधायक रहे चंद्रभान सिंह उर्फ चंदा भइया का खानदानी था। देर रात देहात कोतवाली प्रभारी हुकुम पाल सिंह ने बताया कि घटना के दिन सुबह दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इस पर आरोपियों का धारा 151 में चालान कर दिया था।