बांदा। मंडलायुक्त आवास के बाद अब कोरोना ने मंडल के पुलिस मुखिया डीआईजी आवास पर भी दस्तक दे दी है। डीआईजी बंगले/कैंप कार्यालय में तैनात कांस्टेबल को बुधवार को जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से की गई जांच में संक्रमित पाया गया है। इसकी पुष्टि के लिए नमूने झांसी लैब भेजा गया है। उधर, बुधवार को यहां राजकीय मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में 16 संक्रमित मरीज भर्ती किए गए। यह मंडल के चारों जिलों के हैं।
कुछ दिन पहले मंडलायुक्त के फालोअर को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। एहतियातन मंडलायुक्त ने खुद और अपने परिवार को बंगले में ही 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर लिया था। लेकिन आयुक्त और पूरे परिवार की जांच में किसी को संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही। अलबत्ता फालोअर को मेडिकल कालेज में क्वारंटीन किया गया था। वह स्वस्थ हो चुका है।
आयुक्त के आवास के बाद अब कोरोना ने मंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के कैंप कार्यालय में दस्तक दी है। बुधवार को कैंप कार्यालय के 50 वर्षीय कांस्टेबल की जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से जांच की गई। इसमें उसे कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एसएन मिश्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कांस्टेबल का नमूना जांच के लिए झांसी लैब भेजा गया है। वहां की रिपोर्ट से पुष्टि होगी।
उधर, कांस्टेबल में लक्षण पाए जाने के बाद कैंप कार्यालय पुलिस कर्मियों में खलबली मच गई। बुधवार को ही इन सभी का चेकअप और स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। उनका शुगर, ब्लड प्रेशर, तापमान आदि नापा गया। किसी को संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। उधर, डीआईजी दीपक कुमार खुद भी काफी सतर्कता बरत रहे हैं। अपने कैंप कार्यालय के कांस्टेबल में लक्षण पाए जाने के बाद उन्होंने एहतियात और बढ़ा ली है।